- ईरान की गनबोट्स ने होर्मुज के ग्रीन एरिया में भारत के दो तेल टैंकरों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी
- फायरिंग के बावजूद किसी भी भारतीय क्रू मेंबर के घायल होने की सूचना नहीं मिली और टैंकर वापस लौट गए
- सनमार हेराल्ड टैंकर के ऑडियो में क्रू मेंबर ने ईरानी नौसेना से क्लीयरेंस के बावजूद फायरिंग का विरोध किया
ईरान ने बीते दिन भारतीय जहाजों पर फायरिंग की थी . शनिवार को ईरान की गनबोट्स ने भारत के दो तेल टैंकरों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. हालांकि इस घटना में किसी भी भारतीय क्रू मेंबर के घायल होने की खबर नहीं है. भारतीय झंडे वाले इन टैंकरों को फायरिंग के बाद मजबूरन अपना रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा. इस बीच इस घटना का ऑडियो भी सामने आया है
'आपने ही क्लीयरेंस दी थी, आप ही गोली चला रहे'
सामने आया ऑडियो 'सनमार हेराल्ड' (Sanmar Herald) नामक कच्चे तेल के टैंकर का है. समुद्री खुफिया एजेंसी 'टैंकर ट्रैकर्स' की ओर से साझा किए गए इस 30 सेकंड के ऑडियो में जहाज का एक क्रू मेंबर ईरानी नौसेना से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है. वह चिल्लाकर कह रहा है, "सिपह नेवी, सिपह नेवी, मैं मोटर टैंकर सनमार हेराल्ड से बोल रहा हूं. आपने ही मुझे आगे बढ़ने की क्लीयरेंस दी थी. आपकी लिस्ट में मेरा नाम दूसरे नंबर पर है. लेकिन अब आप हम पर फायरिंग कर रहे हैं. हमें वापस मुड़ने दीजिए."
होर्मुज के ग्रीन एरिया में फायरिंग
अमेरिकी प्रसारक एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस वक्त फायरिंग हुई, जहाज स्ट्रेट के सुरक्षित माने जाने वाले 'ग्रीन एरिया' में था. बताया जा रहा है कि जहाज ने अपनी पहचान छुपाने के लिए एआईएस (AIS) सिस्टम बंद कर दिया था, लेकिन पूर्वी छोर पर पहुंचते ही इसे फिर से शुरू किया गया. सनमार हेराल्ड के अलावा 'जग अर्नव' (Jag Arnav) नाम के एक अन्य भारतीय जहाज को भी ईरानी सेना के गुस्से का सामना करना पड़ा.
वादे से मुकर गया ईरान?
भारत के लिए यह स्थिति बेहद नाजुक है. महज एक हफ्ते पहले भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने एक इंटरव्यू में कहा था कि होर्मुज का रास्ता भारतीय जहाजों के लिए खुला रहेगा.
उन्होंने दावा किया था कि ईरानी सरकार और भारत के बीच इस संबंध में अच्छे संपर्क हैं. लेकिन अब ईरान की ओर से भारतीय झंडे वाले जहाज पर गोलीबारी हो रही है. हालांकि ईरान की ओर से अब तक इस घटना पर आधिकारिक जवाब नहीं आया है.
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