King Charles US Visit: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी.सी. में उस वक्त एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब किंग चार्ल्स की पहली बड़ी राजकीय यात्रा की तैयारियों के दौरान भारी चूक सामने आई. व्हाइट हाउस के पास की सड़कों पर किंग चार्ल्स के स्वागत में ब्रिटिश 'यूनियन जैक' के बजाय गलती से ऑस्ट्रेलिया के झंडे लगा दिए गए. हालांकि, प्रशासन को जैसे ही अपनी इस बड़ी गलती का अहसास हुआ, आनन-फानन में इन झंडों को वहां से हटाकर सही झंडे लगाए गए.
यह वाकया तब हुआ जब शहर का परिवहन विभाग सोमवार यानी 27 अप्रैल 2026 को होने वाले शाही आगमन की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा था.
कैसे हुई यह झंडों वाली 'गलती'?
वाशिंगटन डी.सी. परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि किंग चार्ल्स के स्वागत के लिए कुल 230 से अधिक झंडे लगाए जाने थे. इनमें से 15 झंडे गलती से ऑस्ट्रेलिया के लगा दिए गए थे. दरअसल, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन दोनों के झंडों में 'यूनियन जैक' का निशान होता है, जिससे अक्सर लोग भ्रमित हो जाते हैं.
अधिकारी ने बताया कि जैसे ही ये गलती सामने आई, उन 15 ऑस्ट्रेलियाई झंडों को तुरंत हटाकर उनकी जगह ब्रिटेन के आधिकारिक झंडे लगा दिए गए. प्रशासन का कहना है कि यह एक मानवीय भूल थी जिसे समय रहते सुधार लिया गया है ताकि किंग चार्ल्स के स्वागत में कोई कमी न रहे.
किंग चार्ल्स का ऐतिहासिक दौरा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन और अमेरिका के बीच उस 'विशेष संबंध' को फिर से मजबूत करना है. भले ही यह एक शाही दौरा है, लेकिन इसकी पृष्ठभूमि काफी तनावपूर्ण है.
वर्तमान में ईरान के साथ जारी युद्ध और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के कारण अमेरिका और ब्रिटेन के रिश्तों में पिछले 70 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट देखी जा रही है. दोनों देशों के बीच कई मोर्चों पर वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आए हैं.
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