युद्ध विराम के बावजूद इजरायल ने लेबनान पर हवाई हमले जारी रखे: रिपोर्ट

शिकायत में कहा गया है कि इस तरह के उल्लंघनों से लेबनान के संयुक्त राष्ट्र संकल्प 1701 के प्रावधानों को लागू करने के प्रयासों को झटका लगा है. दक्षिण में लेबनानी सेना की तैनाती में बाधा उत्पन्न होती है, तथा क्षेत्रीय सुरक्षा और ये स्थिरता प्राप्त करने के उद्देश्य से किए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के लिए गंभीर खतरा होता है.

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हिजबुल्लाह लड़ाका. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बेरूत:

युद्धविराम समझौते के लेबनान पर इजरायली हवाई हमले रुक नहीं रहे हैं. लेबनान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया है कि एक महीने से भी कम समय में इजरायल ने 816 जमीनी और हवाई हमले किए हैं. बुधवार को भी पूर्वी लेबनान के बाल्बेक क्षेत्र में एक घर को निशाना बनाया. आधिकारिक राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने कहा कि बुधवार को बाल्बेक के पश्चिम में लिटानी नदी के पास तराया गांव के मैदान में एक घर पर सुबह हमला हुआ, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ. इसने इजरायली युद्धक विमानों पर "युद्ध विराम समझौते का उल्लंघन करने" का आरोप लगाया.

लेबनानी सैन्य सूत्र ने सिन्हुआ को बताया कि इजरायली तोपखाने ने दोपहर में दक्षिणी सीमा क्षेत्र में मारून अल-रस गांव पर कई गोले दागे. सूत्र ने कहा कि "इजरायली तत्वों ने मरजेयून जिले के दक्षिणी बाहरी इलाके में अवैदा पहाड़ी पर इजरायली झंडा फहराया."

इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लगभग 14 महीने से चल रही लड़ाई को रोकने के लिए 27 नवंबर को युद्ध विराम लागू हुआ था.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, समझौते में 60 दिनों के भीतर लेबनानी क्षेत्र से इजरायल की वापसी की बात कही गई थी, जिसमें लेबनानी सेना सीमा पर और दक्षिण में सुरक्षा नियंत्रण संभालने और हथियारों और आतंकवादियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए तैनात थी.

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इससे पहले लेबनान के विदेश मामलों और प्रवासियों के मंत्रालय ने लेबनान के साथ युद्ध विराम समझौते के इजरायल के बार-बार उल्लंघन के जवाब में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में देश के स्थायी मिशन के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में शिकायत दर्ज की थी.

लेबनानी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 27 नवंबर से 22 दिसंबर के बीच इजरायल ने लेबनान के खिलाफ 816 से अधिक जमीनी और हवाई हमले किए, सीमावर्ती गांवों पर गोलाबारी की, घरों में बम विस्फोट किए और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया.

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शिकायत में कहा गया है कि इस तरह के उल्लंघनों से लेबनान के संयुक्त राष्ट्र संकल्प 1701 के प्रावधानों को लागू करने के प्रयासों को झटका लगा है. दक्षिण में लेबनानी सेना की तैनाती में बाधा उत्पन्न होती है, तथा क्षेत्रीय सुरक्षा और ये स्थिरता प्राप्त करने के उद्देश्य से किए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के लिए गंभीर खतरा होता है.

युद्ध विराम के बावजूद, इजरायल ने लेबनान में रुक-रुक कर हमले किए हैं, जिससे जान माल की काफी हानि हुई है. इजरायल का कहना है कि हमले हिजबुल्लाह के आतंकवादियों को निशाना बना कर किए गए हैं.

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