- अमेरिका में बर्फीले तूफान ने कई राज्यों को अपनी चपेट में लिया है और इमरजेंसी घोषित कर दी गई है
- नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी दी है कि तूफान के कारण बिजली गुल होने और पेड़ों के गिरने का खतरा है
- तूफान की वजह से मिड-अटलांटिक और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में तेज सर्दी और यात्रा में गंभीर बाधाएं आ सकती हैं
भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका में भी मौसम तेजी से बदल रहा है. भारत में पहाड़ी इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी हो रही है, वहीं अमेरिका भी बर्फीले तूफान की चपेट में आ गया है. शुक्रवार से ही अमेरिका में बर्फीली हवाएं चल रही हैं और बर्फबारी हो रही है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बर्फीला तूफान जल्द ही पूरे अमेरिका को अपनी चपेट में ले सकता है. इसे देखते हुए अमेरिका के कई राज्यों ने इमरजेंसी लगा दी है. मौसम विभाग का कहना है कि बर्फीला तूफान सिर्फ पहाड़ी इलाकों में ही नहीं, बल्कि जमीनी इलाकों में भी दस्तक दे सकता है. इससे 18 करोड़ अमेरिकियों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है.
नेशनल वेदर सर्विस ने कहा कि बर्फीले तूफान की वजह से भयानक बर्फ जम सकती है और इस कारण लंबे समय के लिए बिजली गुल हो सकती है. बर्फीले तूफान के कारण पेड़ों के गिरने की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे यात्रा करना खतरनाक हो सकता है. बर्फीले तूफान के कारण कई ऐसे राज्यों में जबरदस्त सर्दी पड़ने के आसार हैं, जहां आजतक ऐसी सर्दी नहीं पड़ी.
बर्फीले तूफान के कई दिनों तक रहने की उम्मीद है, जो घनी आबादी वाले मिड-अटलांटिक और उत्तर-पूर्वी राज्यों की ओर बढ़ेगा. इससे रोजमर्रा की जिंदगी ठप हो जाएगी.
तूफान का असर हजारों उड़ानों पर भी पड़ा है. ट्रैकर फ्लाइटअवेयर के मुताबिक, वीकेंड पर 1,800 से ज्यादा उड़ानें पहले ही रद्द हो चुकी हैं, जिनमें टेक्सास की ओर जाने वाली फ्लाइट्स भी शामिल हैं.
टेक्सास के अधिकारियों ने वादा किया कि जो ग्रिड 5 साल पहले एक बर्फीले तूफान के दौरान फेल हो गया था, वह अब पहले से कहीं ज्यादा बेहतर है. गवर्नर ग्रेग एबॉट ने कहा कि ग्रिड पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है, पहले से कहीं ज्यादा तैयार है और इस बर्फीले तूफान को संभालने में पूरी तरह सक्षम है.
बर्फीला तूफान लेकर आया जबरदस्त ठंड
बर्फीले तूफान की वजह से जबरदस्त ठंड पड़ रही है. न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने बहुत ज्यादा ठंड की चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ समय के लिए भी घर से बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है. उन्होंने हाइपोथर्मिया से लेकर दिल का दौरा पड़ने की चेतावनी दी.
उन्होंने कहा कि बाहर 5 या 6 मिनट भी सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है. उन्होंने दावा किया कि इमरजेंसी टीमें पूरी तरह तैयार हैं.
तूफान के कारण बहुत ज्यादा ठंड और खतरनाक हवाएं चलने की उम्मीद है जो कुछ इलाकों में एक हफ्ते तक रह सकती हैं. अपर मिडवेस्ट के कुछ हिस्सों में पहले से ही हवा की ठंडक महसूस हो रही है. अनुमान है कि इससे माइनस 48 डिग्री सेल्सियस तक पारा पहुंच सकता है. यह इतनी कड़ाके की ठंड है जो कुछ ही मिनटों में फ्रॉस्टबाइट का कारण बन सकती है.
लेकिन ये सब क्यों हो रहा है?
अमेरिका इस बर्फीले तूफान को बेहद खतरनाक माना जा रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये तूफान 'पोलर वोर्टेक्स' का नतीजा है, जो ठंडी, कम दबाव वाली हवा का एक आर्कटिक क्षेत्र है जो आमतौर पर एक कॉम्पैक्ट, गोलाकार सिस्टम बनाता है लेकिन कभी-कभी अंडाकार में बदल जाता है, जिससे ठंडी हवा पूरे उत्तरी अमेरिका में फैल जाती है.
वैज्ञानिकों का ये भी मानना है कि पोलर वोर्टेक्स में इस तरह की गड़बड़ी क्लाइमेट चेंज से भी जुड़ी हो सकती है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका मजाक उड़ाया है. ट्रंप कई बार क्लाइमेट चेंज को 'काल्पनिक' बता चुके हैं. उन्होंने अब मजाक उड़ाते हुए ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'पर्यावरण विद्रोहियों क्या आप समझा सकते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग का क्या हुआ?'
बहरहाल, बर्फीले तूफान के चलते वॉशिंगटन डीसी समेत 14 राज्यों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है. लोगों से खाने का सामान स्टॉक रखने, फर्स्ट एड और सप्लाई किट तैयार करने और अपनी गाड़ियों में गैस टैंक फुल करने की अपील की जा रही है. वहीं, लोगों का कहना है कि अगर बिजली ठप नहीं हुई तो कोई चिंता की बात नहीं है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)













