जब पाकिस्तानी सेना हेमराज का सर कलम कर ले गई थी। देश भावुक था और सरकार और विपक्ष सबके नेता यहां मौजूद थे। कौन नहीं गया था हेमराज के आगे शीश नवाने। इसके बाद नतीजा यह निकला कि न सत्ता पक्ष ने और न विपक्ष ने इस बात की खोज की जो मांगें उनके सामने रखी गई थीं वे पूरी हुईं या नहीं।