अमेरिका में एक ऐसा विधेयक पारित हुआ है, जो भविष्य में भारत समेत कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने का रास्ता आसान बना सकता है. बुधवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में यह विधेयक पेश किया गया, जिसके पक्ष में 262 और विरोध में 159 वोट पड़े. हालांकि, यह अभी कानून नहीं बना है. कानून बनने के लिए इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेजा जाएगा और उनके हस्ताक्षर के बाद ही यह लागू हो सकेगा. इस विधेयक के पारित होने का मतलब यह है कि ट्रंप प्रशासन को भारत, चीन, हंगरी समेत कई देशों के उत्पादों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है. हालांकि, वास्तविक टैरिफ कितना होगा, यह राष्ट्रपति के निर्णय पर निर्भर करेगा. यह 25%, 50% या अधिकतम 100% तक भी हो सकता है. अमेरिका का तर्क है कि इस तरह के कदम घरेलू उद्योगों की सुरक्षा, व्यापार असंतुलन को कम करने और अमेरिकी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए जरूरी हैं. वहीं आलोचकों का कहना है कि ऊंचे टैरिफ से वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है और इससे व्यापारिक तनाव बढ़ने की आशंका है. फिलहाल भारत पर 100% टैरिफ लगने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इस विधेयक के बाद ट्रंप प्रशासन के पास ऐसा कदम उठाने की व्यापक शक्ति जरूर आ सकती है.