प्राइम टाइम : शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले...

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  • प्रकाशित: सितम्बर 20, 2016
एक नौजवान जब सैनिक बनता है तो अकेला बनता है लेकिन जब वो देश के लिए काम आ जाता है तो उसकी अंतिम यात्रा में वो लोग भी आ गए लगते हैं जो कभी उस सिपाही के बारे में जानते तक नहीं होंगे. हम कहां परवाह करते हैं कि हमारा सिपाही जनरल बोगी या दूसरे दर्जे में ठेल ठेल कर जगह पाता हुआ घर लौटता है. कितना अच्छे हैं न ये लोग जो अपने घर से निकले हैं किसी सिपाही को विदा करने, अलविदा कहने.

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