हर साल मानसून से पहले नगर निगम और स्थानीय प्रशासन जलभराव से निपटने के लिए करोड़ों रुपये के बजट का दावा करते हैं, लेकिन जब बादलों की पहली खेप बरसती है, तो जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। राजस्थान से लेकर मध्य प्रदेश तक से आई तस्वीरें यह सोचने पर मजबूर कर रही हैं कि अगर पहली बारिश का यह हाल है, तो पूरे मानसून में जनता का क्या होगा? #