अखिलेश यादव के हमले के पीछे कई मायने निकाले जा रहे हैं. अखिलेश यादव कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में कथाएं नहीं होनी चाहिए. अब सवाल है कि क्या अखिलेश यादव को इन कथाओं से डर है. धीरेंद्र शास्त्री ने बिहार-बंगाल में भी कथाएं की थी. दोनों ही राज्यों में धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र पर जोर दिया था. उन्होंने बयान कैसे दिए थे- ये देश बाबर का नहीं रघुवर का है. हिंदुओं को एक होकर गांव-गांव में भगवा लहराना होगा. ऐसे बयान वो अपनी कथाओं में देते थे. अब चुनावों से पहले ऐसे बयानों ने एक सियासी माहौल बदल दिया. जिन जिलों में कथाएं हुईं, वहां बीजेपी को फायदा हुआ. क्या अखिलेश यादव को लगता है कि उत्तर प्रदेश में भी ऐसा हो सकता है, क्या यही वजह है कि धीरेंद्र शास्त्री का वो विरोध कर रहे हैं.