किसान आंदोलन के 11वें दिन भी पूरे जोश के साथ धरने पर डटे हुए हैं. कल हुई बेनतीजा बातचीत से किसान निराश जरूर हैं लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है. सिंघू बॉर्डर पर जमा हुए किसानों ने कहा कि तीन अध्यादेश जो सरकार लेकर आई थी, किसानों ने इसकी मांग नहीं की थी. यह बड़े-बड़े उद्योगपतियों की मांग थी. सारा देश गिरवी कर दिया. जब तक ये तीनों कानून रद्द नहीं होंगे, सभी बातें लिखित में नहीं होंगी, किसान यहां से उठने वाला नहीं है.