भारत जैसे विशाल देश में भूख कई रूपों में दिखाई देती है—कभी बच्चों की जरूरतों में, तो कभी अस्पतालों के बाहर अपने परिजनों के साथ इंतज़ार कर रहे परिवारों में। खुशियां फाउंडेशन की पहल रोटी घर इस स्थिति को बदलने के लिए काम कर रही है— एक समय में एक भोजन के ज़रिए। चिनु क्वात्रा द्वारा शुरू किया गया यह युवा-नेतृत्व वाला अभियान ज़रूरतमंद लोगों को ताज़ा, घर का बना और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराता है। एक छोटे प्रयास के रूप में शुरू हुई यह पहल आज लाखों लोगों तक पहुंच चुकी है, उन्हें सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि सम्मान और उम्मीद भी दे रही है। सड़कों से लेकर अस्पतालों के बाहर तक, स्वयंसेवक हर दिन यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी भूखा न रहे। देखिए यह कहानी—करुणा, संघर्ष और सामुदायिक सहयोग की। अधिक जानकारी के लिए देखें: ndtv.com/sirfpackednahihygienicbhi