प्राइम टाइम इंट्रो : दलित छात्र की ख़ुदकुशी पर सियासत

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  • प्रकाशित: जनवरी 21, 2016
हमारी संस्थाएं किस कदर लचर हो गई हैं और उनमें एक घटना को संभालने और उसके सारे तथ्यों को सार्वजनिक करने की साहस की इतनी कमी है कि मामले का राजनीतिक होना उनके लिए भी ढाल का काम कर जाती है। हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी चार दिन से अगर सारे तथ्यों को एक साथ सार्वजनिक रूप से रख देती तो क्या हो जाता। बजाए इसके कि एक पक्ष इस कागज़ को लीक करे और एक पक्ष उस कागज़ के सहारे दावा करे।

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