रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज का 23 मिनट का प्रवचन सामने आया है. उन्होंने घटना का सीधा जिक्र नहीं किया, लेकिन निंदा, अपमान, विपत्ति और धैर्य को लेकर दिए संदेश की चर्चा हो रही है.