Prateek Yadav Death News: प्रतीक यादव का इलाज करने वाली डॉक्टर ने उनकी सेहत को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं. वेदांता हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रुचिता शर्मा ने बताया कि प्रतीक लंबे समय से उनके मरीज थे और हाई ब्लड प्रेशर व हाइपरटेंशन जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे.
NDTV से खास बातचीत में डॉ. रुचिता शर्मा ने कहा कि 29 अप्रैल को प्रतीक यादव को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था. उन्हें चेस्ट पेन और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. जांच में पल्मोनरी एम्बोलिज्म सामने आया, जो फेफड़ों की धमनियों में खून का थक्का जमने से होता है.
डॉक्टर के अनुसार, इसका बड़ा कारण लंबे समय तक एक जगह बैठना, लगातार यात्रा करना और शारीरिक गतिविधि में कमी होना हो सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि प्रतीक पहले डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) से भी पीड़ित रह चुके थे, जिससे उनका जोखिम पहले से बढ़ा हुआ था.
डॉ. शर्मा ने यह भी खुलासा किया कि अस्पताल में भर्ती होने से एक दिन पहले प्रतीक बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे, जिससे उनके शरीर पर चोट के निशान आए थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इन चोटों का जिक्र है.
डॉक्टर्स के मुताबिक, खून का थक्का अगर पूरी तरह घुल नहीं पाता, तो वह दिल पर असर डाल सकता है और हार्ट पर दबाव बढ़ जाता है. प्रतीक के मामले में भी कार्डियो-रेस्पिरेटरी समस्या के संकेत मिले हैं.
उधर, प्रतीक यादव के अचानक निधन से हर कोई हैरान है. सिर्फ 38 साल की उम्र में एक फिटनेस-प्रेमी शख्स का इस तरह जाना लोगों के लिए यकीन करना मुश्किल है. उनके दोस्त और करीबी बताते हैं कि वह बेहद जिंदादिल और खुशमिजाज इंसान थे, जो फिटनेस को लेकर हमेशा जागरूक रहते थे.
अखिलेश यादव भी अपने भाई के निधन से भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले ही उन्होंने प्रतीक को अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी थी. अखिलेश ने उन्हें एक मेहनती और जीवन में आगे बढ़ने की चाह रखने वाला नौजवान बताया.
प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते हुए भी अपने लग्जरी लाइफस्टाइल और फिटनेस के लिए मशहूर थे. सोशल मीडिया पर उनके करीब 2 मिलियन फॉलोअर्स थे. महंगी कारों, प्लेन उड़ाने और एडवेंचर स्पोर्ट्स के उनके वीडियो काफी लोकप्रिय थे.
लखनऊ में उनकी नीली लेम्बोर्गिनी 'ब्लू बोल्ट' खास पहचान थी, जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई जाती है. इसके अलावा, उन्हें जानवरों से भी खास लगाव था और उन्होंने ‘जीव आश्रय’ नाम की संस्था भी बनाई थी, जो घायल और बेसहारा जानवरों की मदद करती है.
प्रतीक यादव का यूं अचानक चले जाना न सिर्फ उनके परिवार बल्कि चाहने वालों के लिए भी गहरा आघात है. हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर इतने फिट और सक्रिय दिखने वाले व्यक्ति के साथ ऐसा कैसे हो गया.