NEET पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से हटा दिया है. लगातार अनशन के कारण वांगचुक जी का स्वास्थ्य बेहद नाजुक हो गया था. उनका 8 से 9 किलो वजन कम हो चुका था और ब्लड शुगर व बीपी का स्तर भी तेजी से गिर रहा था. दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की गंभीर चिंताओं के बाद, आज सुबह लगभग 6:30 बजे दिल्ली पुलिस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची. वांगचुक को तुरंत एंबुलेंस के जरिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, ताकि उनका उचित इलाज हो सके. इस बीच, जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारी और छात्र पुलिस की इस कार्रवाई से बेहद नाराज हैं और इसे असंवैधानिक बता रहे हैं. स्थिति को काबू में करने के लिए भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को तैनात किया गया है. पुलिस ने धरना स्थल को खाली कराने की अपील की है और बाधा डालने वाले कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है.