ग्रेटर नोएडा का निक्की हत्याकांड एक सीधी-सादी दहेज हत्या न रहकर एक गहरी पहेली बन गया है। इस केस में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब डॉक्टर और नर्स ने खुलासा किया कि मौत से पहले खुद निक्की ने इसे 'सिलेंडर फटने' का हादसा बताया था। यह बयान परिवार द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों के बिल्कुल विपरीत है। पुलिस की जांच इस गुत्थी को और उलझा देती है, क्योंकि क्राइम सीन पर सिलेंडर फटने का कोई सबूत नहीं मिला है, और FIR दर्ज कराने वाली बहन कंचन के बयानों में भी अब विरोधाभास पाया गया है, जिससे पूरा मामला सवालों के घेरे में आ गया है।