भागवत ने रविवार को मुजफ्फरपुर में एक सभा में कहा था कि युद्ध की स्थिति में भारतीय सेना को समाज को तैयार करने में छह महीने का वक्त लगेगा जबकि आरएसएस स्वंयसेवक उन्हें केवल तीन दिन में तैयार कर सकते हैं क्योंकि स्वंयसेवक रोजाना अनुशासन का अभ्यास करते हैं.