लखनऊ के दर्दनाक हादसे के बाद अब इस पूरी इमारत को लेकर बेहद हैरान कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं. जिस बिल्डिंग में यह भयावह आग लगी, उसका इतिहास ही नियमों को ताक पर रखकर लिखा गया था. साल 2014 में इसे एक आवासीय (Residential) इमारत के तौर पर पास कराया गया था, लेकिन बाद में नियमों को ठेंगा दिखाकर इसे कमर्शियल (Coaching Center) बना दिया गया. साल 2016 में इसके अवैध निर्माण को लेकर केस दर्ज हुआ था और ध्वस्तीकरण का आदेश भी आया था, लेकिन रसूख और कोर्ट की उलझनों के बीच वह आदेश निरस्त हो गया.
इस वीडियो में देखिए वो खौफनाक तस्वीरें, जब अपनी जान बचाने के लिए लोग बिना सोचे-समझे बिजली के खंभों और नंगे तारों के सहारे नीचे उतरने को मजबूर हो गए. चीख-पुकार के बीच कोई रैलिंग में फंसा तो कोई बुरी तरह जख्मी हो गया. स्थानीय लोगों की सूझबूझ और मदद से कई जिंदगियां बचाई गईं.
अब इस मामले में मुख्यमंत्री की कड़ी नाराजगी के बाद SIT (विशेष जांच दल) एक्शन में है. एलडीए, नगर निगम और रजिस्ट्री विभाग से जुड़े तमाम दस्तावेजों को तलब किया गया है. जांच अधिकारी जल्द ही मौके का मुआयना करेंगे. क्या इस हादसे के बाद अब इलाके में चल रहे अन्य अवैध कोचिंग सेंटरों पर भी शिकंजा कसा जाएगा? ग्राउंड जीरो से हमारे संवाददाता अजय दुबे की यह पूरी रिपोर्ट देखिए और जानिए इस दर्दनाक हादसे की पूरी हकीकत.