लखनऊ अग्निकांड: जिस जगह लगी थी आग NDTV रिपोर्टर ने वहां क्या देखा?

लखनऊ के अलीगंज में हुआ यह भीषण अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक नाकामी और लालच की वो खौफनाक कहानी है, जिसने 15 मासूम छात्रों की जिंदगी को हमेशा के लिए खत्म कर दिया. इस वीडियो में NDTV के संवाददाता अजय दुबे आपको उस जर्जर हो चुकी इमारत के भीतर लेकर जा रहे हैं, जहां चारों तरफ सिर्फ राख, पिघले हुए कंप्यूटर कीबोर्ड, जली हुई कुर्सियां और बिखरा हुआ सामान नजर आ रहा है.

यह वही इमारत है जो सरकारी फाइलों में आज भी 'आवासीय' (Residential) दर्ज है, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर इसे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना दिया गया था. यहां न तो कोई इमरजेंसी एग्जिट था और न ही आग बुझाने का कोई इंतजाम. जब बेसमेंट के AC में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, तो दूसरी मंजिल पर मौजूद कोचिंग और लाइब्रेरी के बच्चों के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा. अपनी जान बचाने के लिए मासूम बच्चे तीसरी मंजिल की खिड़की से बिजली के नंगे तारों और रस्सियों के सहारे नीचे लटकते दिखे.

सुनिए उस लाचार पिता का दर्द जिसके बेटे ने फोन कर कहा था, "पापा हमें बचा लो, यहां आग लग गई है." लेकिन जब तक मदद पहुंचती, तब तक दम घुटने से 15 जिंदगियां दम तोड़ चुकी थीं.

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