अमित शाह और कुमार विश्वास एक ही स्टेज पर कविता सुना रहे हैं। पहले अमित शाह कहते हैं कि फुल पेज ऐड पर खर्च किए जो गए थे पैसे बच, मीडिया को करते हैं ब्लेम जब एक्पोज हो गया सच। वहीं, कुमार विश्वास कहते हैं कि कोई आंसू टपकाता है, कोई सचमुच में रोता है, दिस इज पॉलिटिक्स भईया, इसमें ये भी होता है...