भरतपुर रियासत के भाई-बहन अलग-अलग पार्टियों से भले चुनाव लड़ रहे हों, लेकिन दोनों जाट राजनीति करने के लिए जाने जाते हैं. अब भरतपुर राजघराने के वारिस विश्वेंद्र सिंह इस चुनाव के बाद राजनीतिक संन्यास लेने की बात कहकर मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं. जाट राजनीति के गढ़ भरतपुर से रवीश रंजन शुक्ला की रिपोर्ट.