उत्तर-पूर्व में बीते दिनों हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए ओम बिरला ने कहा कि ये घटनाएं मानवता और सामाजिक व्यवस्था के तौर पर हमारे लिए अत्यंत कष्टदायी हैं. किसी के भी साथ हमारा व्यवहार उसको किसी भी तरह की पीड़ा पहुंचाने वाला न हो, उसकी मान-मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाला न हो, ऐसा हमारा प्रयास होना चाहिए और एक व्यक्ति के रूप में, एक समाज के रूप यह हमारा नैतिक कर्तव्य है. बिरला ने क्षेत्र में शांति की अपील की और कहा कि शांति ही विकास का मार्ग है .