नई दिल्ली: लोकसभा की कार्यवाही के दौरान अनुशासनहीनता और बार‑बार बातचीत को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला नाराज नजर आए. उन्होंने सदन में मौजूद सांसदों और मंत्रियों को कड़ी समझाइश देते हुए कहा कि सदन के भीतर बातचीत केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही की जाए.
स्पीकर ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि कई माननीय सदस्य लंबे समय से अपनी सीटों पर बैठकर बातचीत कर रहे हैं, जबकि कुछ सदस्य और मंत्री खड़े होकर भी लगातार बातें करते रहते हैं, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “अगर कोई आपात स्थिति हो तो एक‑दो या अधिकतम तीन मिनट में बात की जा सकती है, लेकिन इसके अलावा किसी भी प्रकार की बातचीत स्वीकार्य नहीं होगी. कोई भी माननीय सदस्य या मंत्री खड़े होकर किसी से बातचीत नहीं करेगा. अगर ऐसा जारी रहा तो मुझे नाम लेकर उल्लेख करना पड़ेगा.”
लोकसभा स्पीकर ने जोर देकर कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है. “सदन मर्यादा से चले, यह हम सबकी जिम्मेदारी है. मैं आप सभी से इसकी अपेक्षा करता हूं,” ओम बिरला ने यह भी स्पष्ट किया कि शून्यकाल के दौरान केवल उन्हीं सांसदों को बोलने का अवसर दिया जाएगा, जिनके नाम सूची में दर्ज हैं, और उन्हें अपनी बात रखने के लिए अधिकतम दो मिनट का समय ही मिलेगा.
स्पीकर का यह सख्त रुख सदन में बार‑बार हो रही अव्यवस्था और अनावश्यक बातचीत के बीच सामने आया, ताकि लोकसभा की कार्यवाही सुचारु और मर्यादित रूप से चल सके.