Budget 2026: एक्सपर्ट से समझें बजट के 5 बड़े टेकअवे

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  • प्रकाशित: फ़रवरी 01, 2026

देश का आम बजट पेश हो चुका है और इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही है आख़िर इसमें आम लोगों, बिज़नेस और युवाओं के लिए क्या रखा गया है? इसी को समझने के लिए NDTV Digital Hindi ने दो वित्त विशेषज्ञों सीए अंकुर गर्ग और टैक्स एक्सपर्ट मनीष मिश्रा से बातचीत की. दोनों एक्सपर्ट्स ने बजट के 5 बड़े टेकअवे समझाए, जो सीधे तौर पर करोड़ों लोगों को प्रभावित करेंगे.


1. पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 12 लाख करोड़ – रोजगार और ग्रोथ का बड़ा इंजन
सीए अंकुर गर्ग के अनुसार, वित्त मंत्री ने सबसे बड़ा ऐलान  ₹12,00,000 करोड़ के पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड का किया है.
इससे पूरे भारत में नई सड़कें, रेलवे, लॉजिस्टिक हब, एयरपोर्ट और अन्य सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बनेंगे।
इससे रोजगार बढ़ेगा
पूरे अर्थतंत्र में कैपेक्स ग्रोथ तेज होगी
इंडस्ट्री को मल्टी-लेवल फायदा मिलेगा
इसे मनीष मिश्रा ने भी बजट का सबसे स्ट्रक्चरल और “रीफॉर्म-ड्रिवन” कदम बताया.

2. MSME और स्टार्टअप्स के लिए बड़ा बूस्ट – 10,000 करोड़ का फंड और लिक्विडिटी सुधार
MSME सेक्टर बजट का केंद्र बिंदु रहा.
सरकार ने MSME ग्रोथ फंड के लिए ₹10,000 करोड़ मंजूर किए.
यह पैसा बैंकों के ज़रिए छोटे उद्योगों तक पहुंचेगा.
RBI की TReDS ट्रेड स्कीम को सभी सरकारी संस्थाओं के लिए अनिवार्य कर दिया.

इससे लंबे समय से चली आ रही लिक्विडिटी की समस्या दूर होगी और छोटे कारोबार समय पर पेमेंट पा सकेंगे.

3. डेटा सेंटर 2047 तक टैक्स-फ्री – डिजिटल इंडिया को ग्लोबल हब बनाने की तैयारी
डेटा भविष्य का तेल है—इसी सोच के साथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया. 2047 तक डेटा सेंटर को टैक्स फ्री घोषित किया. अब गूगल, अमेज़न, मेवा, ओरेकल जैसी ग्लोबल कंपनियां भारत में डेटा होस्ट करने के लिए अधिक आकर्षित होंगी. पहले डेटा सिंगापुर, लंदन या टेक्सास में रखा जाता था—अब भारत बड़ा डेटा हब बनेगा. अंकुर गर्ग ने इसे “भविष्य के तकनीकी भारत की लंबी छलांग” कहा.

4. टैक्सेशन में राहत – TDS/TCS आसान, NRI को भी बड़ी राहत
बजट ने टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की दिशा में कुछ अहम कदम उठाए.

टैक्स में प्रमुख बदलाव
TDS और TCS के ढांचे को सरल किया गया.
टैक्स डिपार्टमेंट से विवाद होने पर पहले 20% जमा करना पड़ता था—अब सिर्फ 10%.
NRI को प्रॉपर्टी बेचने पर अब 20% TDS नहीं काटा जाएगा.
PAN-आधारित एक नया सिस्टम बनेगा, अलग से ‘10 नंबर’ लेने की जरूरत नहीं.
यह बदलाव NRI रियल एस्टेट निवेश को आसान और आकर्षक बनाएगा.

5. स्वास्थ्य और EV सेक्टर बड़े फोकस में – कैंसर दवाइयाँ सस्ती, 2.22 लाख करोड़ का PM-Drive
बजट में सामाजिक और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दो बड़े कदम उठे.

A. कैंसर की दवाइयां सस्ती
सरकार ने कई कैंसर ड्रग्स पर लागत घटाई है.
इससे गंभीर मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा.

B. EV इंडस्ट्री के लिए PM-Drive योजना
₹2,22,000 करोड़ की PM-Drive योजना.
इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट.

C. युवाओं के लिए नए स्किल और क्रिएटर सेंटर
देशभर में 15,000 Youth Creator & Mental Health Support Centers.
क्रिएटर इकॉनमी को औपचारिक सपोर्ट मिलेगा.
मनीष मिश्रा ने कहा, "बजट का फोकस युवाओं और भविष्य की टेक इकॉनमी को मजबूत करना है."

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