चुनाव आयोग के फैसले ने उन राजनीतिक दलों को काफी राहत दी है जिनका प्रदर्शन पिछले लोकसभा चुनावों में खराब रहा था. आयोग के इस फैसले को बीएसपी, एनसीपी और सीपीआई के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि इन पार्टियों पर राष्ट्रीय पहचान खोने का खतरा बना हुआ था.