Who Will be CM in Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ चुका है. 4 मई को आए चुनाव नतीजों ने साफ कर दिया है कि बंगाल में 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है. भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला है और ममता बनर्जी का किला ढह गया है. राज्यभर में जश्न का माहौल है और भाजपा कार्यकर्ता इसे नए सूर्योदय की शुरुआत बता रहे हैं.
इस ऐतिहासिक जीत के बाद सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि पश्चिम बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. बीजेपी ने मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है. जल्द ही पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी और उनके जरिए नए सीएम के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. चर्चा में सबसे आगे नाम शुभेंदु अधिकारी का चल रहा है, जिन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज कर ममता बनर्जी को करारी शिकस्त दी है.
भवानीपुर, जिसे ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहीं शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,000 से ज्यादा वोटों से हरा दिया. यह जीत सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि पूरे बंगाल में जनता के मूड का संकेत मानी जा रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह साफ जनादेश है, जिसमें मतदाताओं ने परिवर्तन, सुशासन और विकास के पक्ष में वोट दिया है.
बीजेपी की इस जीत के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. 15 साल की सत्ता विरोधी लहर, भ्रष्टाचार के आरोप, कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों ने ममता सरकार के खिलाफ माहौल बनाया. वहीं बीजेपी ने मजबूत संगठन, आक्रामक प्रचार और जमीनी रणनीति के दम पर बंगाल में इतिहास रच दिया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक अब कमल खिला हुआ है. दिल्ली से लेकर बंगाल तक कार्यकर्ताओं ने अबीर, गुलाल और मिठाइयों के साथ जश्न मनाया. हालांकि कुछ इलाकों से चुनाव के बाद तनाव और झड़प की खबरें भी सामने आई हैं, जिन पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.
उधर हार के बाद ममता बनर्जी आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रही हैं. माना जा रहा है कि वह चुनाव आयोग, केंद्रीय सुरक्षा बल और बीजेपी पर लगाए गए अपने आरोपों को एक बार फिर दोहरा सकती हैं और हार के कारणों पर भी बात कर सकती हैं. उनकी प्रेस वार्ता को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी हलचल है.
इस वीडियो में देखिए बंगाल चुनाव की पूरी तस्वीर, बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, ममता बनर्जी की हार, मुख्यमंत्री की रेस, जश्न और विवादों के बीच बदलते बंगाल की कहानी.