Jabalpur Bargi Dam Cruise Driver Emotional Statement : बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद पहली बार सामने आए उस क्रूज के पायलट महेश पटेल, जिनके हाथों में उस दिन दर्जनों जिंदगियों की जिम्मेदारी थी. इस वीडियो में आप सुनेंगे महेश पटेल का भावुक बयान, जिसमें उन्होंने उस भयावह शाम की हर पल‑पल की कहानी बताई है.
महेश बताते हैं कि जब क्रूज रवाना हुई, तब मौसम सामान्य था. हल्की हवा चल रही थी, लेकिन कुछ ही देर में हालात अचानक बदल गए. तेज आंधी, ऊंची लहरें और पलों में बिगड़ता मौसम. उन्होंने पूरी कोशिश की कि क्रूज को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया जाए, लेकिन कुदरत ने उन्हें मौका नहीं दिया.
पायलट बताते हैं कि जैसे ही लहरें तेज हुईं, तुरंत सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाने के निर्देश दिए गए. रेस्क्यू के लिए फोन किया गया. इंजन रूम में पानी भरने लगा और कुछ ही मिनटों में यह साफ हो गया कि क्रूज अब किनारे तक नहीं पहुंच पाएगी.
वीडियो में वो पल भी दिखते हैं जब डगमगाती नाव में यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाई जा रही है. महेश का कहना है कि उन्होंने आखिरी क्षण तक यात्रियों को बचाने की कोशिश की. जब नाव पलटने की स्थिति में आई, तब पहले सभी यात्रियों को बाहर निकलने दिया और खुद सबसे आखिर में पानी में उतरे.
15-20 साल से नाव चला रहे महेश पटेल कहते हैं कि उन्होंने अपने करियर में कई बार खराब मौसम देखा है, लेकिन इतना भयानक तूफान पहले कभी नहीं देखा. वह मानते हैं कि इस हादसे का दर्द उनके दिल पर हमेशा रहेगा. कई दिनों तक वह ठीक से खा नहीं पाए, सो नहीं पाए, और हर वक्त उन्हीं लोगों के चेहरे आंखों के सामने आते रहते हैं, जो इस हादसे में नहीं बच सके.
वीडियो के अंत में महेश पटेल पीड़ित परिवारों से हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आते हैं. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी क्षमता से यात्रियों को बचाने की कोशिश की और अगर उनसे कोई कमी रह गई हो, तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं.
यह वीडियो केवल एक हादसे का बयान नहीं है, बल्कि एक ऐसे इंसान की टूटती आवाज है, जो आज भी उस दिन से बाहर नहीं निकल पाया है.
बरगी डैम से NDTV के लिए रिपोर्ट.
कैमरामैन: योगी रिज़वान खान
रिपोर्ट: अनुराग द्वारी