- देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में कारोबारी विक्रम शर्मा को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई
- विक्रम शर्मा प्रॉपर्टी डीलर और ट्रांसपोर्ट कारोबारी थे, जिनके खिलाफ झारखंड में 20 से अधिक केस दर्ज थे
- विक्रम शर्मा झारखंड की दुमका जेल में बंद अपराधी अखिलेश सिंह के आपराधिक गुरु माने जाते थे
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार सुबह दिनदहाड़े एक कारोबारी विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. ये घटना एसएसपी आवास से महज 500 मीटर की दूरी पर बने सिल्वर सिटी मॉल में हुई. विक्रम शर्मा जिम से बाहर आ रहे थे, तभी तीन बदमाशों ने आकर उन्हें गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. विक्रम शर्मा प्रॉपर्टी डीलर थे. गोली मारने के बाद हमलावर वहां से फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है. अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.
कौन थे विक्रम शर्मा?
विक्रम शर्मा के पिता टाटा स्टील में नौकरी करते थे. रिटायरमेंट के बाद वह देहरादून आकर बस गए थे. वह मूल रूप से देहरादून के ही रहने वाले थे. विक्रम शर्मा का ट्रांसपोर्ट का कारोबार था. उनका छोटा भाई अरविंद भी देहरादून में ही रहता है.
20 से ज्यादा केस दर्ज थे
विक्रम शर्मा के खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज थे. झारखंड के जमशेदपुर में रहते हुए वह कई मामलों में आरोपी थे. उनके खिलाफ जमशेदपुर में 20 से ज्यादा मामले दर्ज थे. हालांकि, ज्यादातर मामलों में वह बरी हो चुके थे. 2017 में उन्हें जमशेदपुर पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार किया गया था.
विक्रम शर्मा झारखंड की दुमका जेल में बंद अखिलेश सिंह का आपराधिक गुरु रहा है. कई मामलों में जमातन मिलने के बाद रांची के होटवार जेल से वह 30 जनवरी 2021 को रिहा हुए थे. 2017 से 2021 तक जेल में रहने वाले झारखंड हाई कोर्ट से उन्हें सशर्त जमानत मिली थी.
विक्रम शर्मा पर दर्ज कुछ चर्चित मामले
विक्रम शर्मा कई मर्डर केस में भी नामजद आरोपी रहे हैं. 2008 में टाटा स्टील के सिक्योरिटी हेड जयराम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में विक्रम शर्मा का नाम आया था. इसके अलावा श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या, साकची के काशीडीह निवासी रवि चौरसिया पर फायरिंग, बर्मामाइंस में परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह के ससुराल वालों पर फायरिंग और परमजीत सिंह हत्याकांड समेत करीब 20 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं.














