- कोटद्वार में बाबा नाम की दुकान के नाम को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और दुकान मालिक के बीच विवाद हुआ था
- जिम संचालक दीपक कुमार ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को विरोध करके उन्हें दुकान के बाहर से हटने पर मजबूर किया था
- दीपक कुमार ने गुस्से में अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया, जिससे वे देशभर में चर्चा में आ गए और सराहना हुई
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार शहर में एक समुदाय विशेष की दुकान के नाम को लेकर उपजे विवाद के बीच 'मोहम्मद दीपक' नाम से चर्चा में आए जिम संचालक दीपक कुमार ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका यह परिचय चर्चा का विषय बन जाएगा.
घटना 26 जनवरी की है, जब पटेल मार्ग स्थित कपड़ों की दुकान 'बाबा' का नाम बदलने के लिए दुकान मालिक वकील अहमद पर दबाव बनाने को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ता दुकान के बाहर जमा हो गए थे. इसी दौरान अहमद के बेटे मोहम्मद शोएब के दोस्त और 42 साल के जिम मालिक दीपक कुमार ने बजरंग दल के इस रवैये का विरोध किया और कार्यकर्ताओं को वहां से हटने पर मजबूर कर दिया.
गुस्से में बता दिया था अपना नाम- मोहम्मद दीपक
दीपक कुमार के इस कदम की देशभर में सराहना हो रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें 'भारत का हीरो' बताया है. इस घटना को याद करते हुए दीपक ने बताया कि बजरंग दल के कार्यकर्ता दुकान मालिक पर नाम बदलने का दबाव बना रहे थे और शोर-शराबा करने लगे.
उन्होंने कहा, 'इसके बाद धक्का-मुक्की भी हुई. इसी दौरान एक व्यक्ति ने मेरा नाम पूछा. गुस्से में मैंने अपना नाम 'मोहम्मद दीपक' बता दिया. मुझे अंदाजा नहीं था कि यह बात इतनी दूर तक जाएगी.'
किसी पार्टी से लेना-देना नहीं: दीपक
उन्होंने राहुल गांधी की पोस्ट पर खुशी जताई. स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपनी तस्वीरों के बारे में उन्होंने साफ किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस से जुड़े पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी और हरक सिंह रावत के विचार उन्हें पसंद हैं.
एक सवाल के जवाब में दीपक कुमार ने कहा, 'सोशल मीडिया के माध्यम से मुझे जानकारी मिली है कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मुझे दो लाख रुपये देने की घोषणा की है. इस बारे में मेरा यही कहना है कि यदि यह पैसा किसी जरूरतमंद को दे दिया जाए, तो ज्यादा अच्छा होगा.' उन्होंने कहा, 'दो लाख रुपये बड़ी रकम होती है, लेकिन अगर मंत्री जी यह राशि किसी दिव्यांग या अन्य जरूरतमंद व्यक्ति को दें, तो यह वास्तव में सराहनीय होगा.'
'बाबा' नाम को लेकर हुआ था विवाद
बजरंग दल से जुड़े लोगों का आरोप है कि दुकान का नाम 'बाबा' होने से यह भ्रम पैदा होता है कि दुकान कोटद्वार के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर 'सिद्धबली बाबा' से जुड़ी है, इसी कारण वे दुकान का नाम बदलने का दबाव बना रहे थे.
विवाद के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क है. अधिकारियों के अनुसार, हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और दीपक कुमार के जिम सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है.
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से सटी कौड़िया सीमा पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व कोटद्वार में प्रवेश न कर सके और माहौल खराब न हो.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)













