बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा हेलीकॉप्टर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया, चारधाम यात्रा में बड़ा हादसा होते बचा

टिहरी के चम्बा-आराकोट क्षेत्र में तकनीकी खराबी के बाद हेलीकॉप्टर की सत्यो-सकलाना के खेतों में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. हाईटेंशन लाइन से टकराने से हेलीकॉप्टर को नुकसान पहुंचा, हालांकि पायलट समेत सभी 6 यात्री सुरक्षित हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • टिहरी जिले के चम्बा-आराकोट क्षेत्र में हेलीकॉप्टर को तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी
  • ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह यात्री सवार थे, जो सभी सुरक्षित पाए गए
  • हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ धाम से देहरादून जा रहा था और उड़ान के दौरान हाईटेंशन विद्युत लाइन से टकराया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

उत्तराखंड के टिहरी जिले के चम्बा-आराकोट क्षेत्र में उड़ान के दौरान एक हेलीकॉप्टर को तकनीकी समस्या आने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. हेलीकॉप्टर में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं. चम्बा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर उड़ान के दौरान ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के हेलीकॉप्टर को तकनीकी समस्या उत्पन्न होने पर सत्यो-सकलाना क्षेत्र के खेतों में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. हेलीकॉप्टर में पायलट सहित कुल 06 यात्री सवार थे, जो सभी सुरक्षित हैं.

जानकारी के अनुसार हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ धाम से देहरादून की ओर जा रहा था, तभी उड़ान के दौरान हादसा हुआ. उड़ान के दौरान हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आने से हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से को क्षति पहुंची. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन एवं संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंच गई और सुरक्षा एवं राहत कार्य शुरू कर दिया गया. क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. प्राथमिक जांच में सभी यात्री सुरक्षित पाए गए हैं, जबकि घटना के कारणों की विस्तृत जांच संबंधित तकनीकी और एविएशन एजेंसियों द्वारा की जा रही है.

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग–गौरीकुंड के मध्य मुनकटिया क्षेत्र में अचानक भूस्खलन होने से मुख्य सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया. मार्ग बाधित होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए, रात्रि का समय, खराब मौसम, पहाड़ी क्षेत्र में लगातार गिरता मलबा तथा यात्रियों की भारी भीड़ के कारण स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी. घटना की सूचना DCR रुद्रप्रयाग द्वारा समय 21:16 बजे SDRF को प्राप्त हुई सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक  आशीष डिमरी के नेतृत्व में SDRF सोनप्रयाग टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई, मौके पर SDRF एवं NDRF की संयुक्त टीम द्वारा राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया.

कमांडेंट SDRF  अर्पण यदुवंशी के निर्देशनुसार SDRF टीमें पूर्व से ही यात्रा मार्ग पर संभावित आपदाओं एवं आपात परिस्थितियों से निपटने हेतु पूर्ण रूप से तैयार एवं सतर्क थीं. इसी पूर्व तैयारी, त्वरित रिस्पॉन्स एवं प्रभावी समन्वय के चलते SDRF टीमों द्वारा इतने विशाल स्तर पर सफल रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा सका. संयुक्त टीमों द्वारा अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में सूझबूझ, धैर्य एवं साहस का परिचय देते हुए सड़क के दूसरी ओर फंसे लगभग 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मार्ग पार कराया गया.

Advertisement

लगातार बारिश और अंधेरे के बीच जवानों ने श्रद्धालुओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया. रेस्क्यू कार्य पूर्ण होने के उपरांत जेसीबी मशीनों की सहायता से मार्ग पर आए मलबे को हटाने का कार्य किया गया, जिसके बाद सड़क मार्ग को पुनः सुचारु कर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई.

Featured Video Of The Day
BJP के हिंदुत्व वाले अघोषित नैरेटिव के चक्रव्यूह में फंस गया विपक्ष? | Meenakshi Kandwal | Kachehri