उत्तराखंड के हरिद्वार में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से 21 लोग बीच धारा में बने टापू पर फंस गए. यह घटना कोतवाली नगर क्षेत्र के सप्तऋषि इलाके की है, जहां कबीर कुटीर घाट के पास श्रद्धालु स्नान कर रहे थे.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभी लोग सामान्य रूप से गंगा में स्नान कर रहे थे, तभी अचानक ऊपर से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण नदी का बहाव तेज हो गया और जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा. इससे वहां मौजूद लोग टापू पर फंस गए और किनारे लौटना उनके लिए मुश्किल हो गया.
पुलिस और जल पुलिस की तत्परता से बची जानें
घटना की सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज सप्तऋषि, चेतक पुलिसकर्मी और जल पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. टीम अपने साथ बोट और आपदा राहत उपकरण लेकर आई और बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया
पुलिस की मुस्तैदी और समन्वय के चलते सभी 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. रेस्क्यू किए गए लोगों में 10 पुरुष, 7 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल हैं. सभी लोग दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के निवासी बताए जा रहे हैं. राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.
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घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा में स्नान करते समय जलस्तर और बहाव की स्थिति का विशेष ध्यान रखें. खासकर नदी के बीच बने टापू या गहरे हिस्सों में जाने से बचें, क्योंकि अचानक जलस्तर बढ़ने से जान का खतरा पैदा हो सकता है. पुलिस की समय पर कार्रवाई और सतर्कता ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया, जिससे 21 परिवारों पर संकट आने से बच गया.
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