Char Dham Yatra 2026: 3000 मीटर की चढ़ाई चढ़ने में स्वास्थ्य बिगड़ा तो तुरंत मिलेगा इलाज, जानिए विभाग का प्लान 

Char Dham Yatra 2026: उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने चारधाम यात्रा रूट पर लगभग 1350 डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती का एक विस्तृत रोस्टर तैयार किया है. ये टीमें विभिन्न पड़ावों, कैंपों और प्रमुख स्थलों पर 24 घंटे सेवाएं प्रदान करेंगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत इलाज मिल सकेगा.

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Char Dham Yatra 2026: 19 अप्रैल से शुरू हो रही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी कर रहा है. चार धाम यात्रा के रूट पर आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और ट्रांसिट कैंप में स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी परेशानी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा सकें. यात्रा रूट पर 1350 डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों को तैनात किया जाएगा.

3000 मीटर की ऊंचाई पर धाम 

उत्तराखंड के चार धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम लगभग 3000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.  इसके साथ ही सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब भी 4 हजार मीटर से ऊपर की ऊंचाई पर स्थित है. उच्च हिमालय क्षेत्र में होने के कारण इस जगह पर श्रद्धालुओं को खासकर ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ा है. हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, जिसमें सर दर्द, उल्टी़ चक्कर आना, सांस फूलना, हार्ट अटैक डिहाइड्रेशन जैसी परेशानियां भी अक्सर लोगों को होती हैं. पिछले कुछ साल में चार धाम यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों की जान भी गई है.  

अंतिम दौर में विभाग की तैयारियां 

केदारनाथ और यमुनोत्री धाम की कठिन चढ़ाई में अक्सर लोगों को यह समस्याएं आती हैं. ऐसे में उन्हें बेहरत स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की तैनाती की है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्ग और ट्रांजिट कैंपों में चिकित्सा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. 

1350 डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों का रोस्टर तैयार 

स्वास्थ्य विभाग ने चारधाम यात्रा रूट पर लगभग 1350 डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती का एक विस्तृत रोस्टर तैयार किया है. ये टीमें विभिन्न पड़ावों, कैंपों और प्रमुख स्थलों पर 24 घंटे सेवाएं प्रदान करेंगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत इलाज मिल सके. यात्रा के प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग और मेडिकल चेकअप की भी सख्त व्यवस्था की जा रही है. यात्रा मार्गों पर आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी भी प्रदर्शित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु सतर्क रह सकें.  

'विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती करेंगे' 

उत्तराखंड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. यात्रा रूट पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती भी की जाएगी. यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे तुरंत स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें. 

डॉक्टरों को दिया जा रहा प्रशिक्षण 

डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि यात्रा की शुरुआत से पहले चिकित्सकों को जनपद स्तर और राजधानी स्थित मेडिकल कॉलेजों में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सक्षम बनाना है. प्रशिक्षण के दौरान सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक थकान, ब्लड प्रेशर असंतुलन और हृदय संबंधी समस्याओं के त्वरित उपचार की जानकारी दी जा रही है. साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत एक्शन का अभ्यास भी कराया जा रहा है.  
 

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