प्रयागराज: यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ एक बार फिर समाज के बंटने और उसके दुष्परिणामों को लेकर चेताया है. योगी माघ मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे प्रयागराज पहुंचे थे. यहां उन्होंने संगम में आस्था की डुबकी लगाई और लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन किए. इसके बाद जगद्गुरु रामानंदाचार्य के 726वें जन्मोत्सव में शिरकत की, जहां हजारों संतों की मौजूदगी में उन्होंने देश की एकता और सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया.
"बटेंगे तो बांग्लादेश जैसा होगा हाल"
साधु-संतों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा का जिक्र किया. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि संप्रदाय और जाति के नाम पर विभाजन हमारे लिए भी सर्वनाश का कारण बनेगा. सीएम योगी ने कहा, "अगर हम जाति, मत और संप्रदाय के आधार पर बटेंगे, तो देश का हाल भी पड़ोसी देश बांग्लादेश जैसा हो जाएगा. जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने हमें जातियों से ऊपर उठकर एक होने का मार्ग दिखाया था, वही मार्ग आज हमारी रक्षा का आधार है."
विपक्ष के 'मौन' पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश की घटनाओं पर चुप्पी साधने वाले विपक्षी दलों को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि जो लोग सेकुलरिज्म (धर्मनिरपेक्षता) के नाम पर ठेका लेते हैं और हिंदू धर्म को तोड़ने की कोशिश करते हैं, वे आज गायब हैं.
योगी आदित्यनाथ ने तंज कसते हुए कहा, "बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो हो रहा है, उस पर इन तथाकथित धर्मनिरपेक्ष नेताओं के मुंह पर जैसे फेविकोल लग गया हो. इनका मौन इनकी असलियत को दर्शाता है."
मोदी अयोध्या जाने वाले पहले प्रधानमंत्री
संत समाज के बीच पीएम मोदी की सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि देश ने कई प्रधानमंत्री देखे, लेकिन अयोध्या और राम मंदिर के बारे में सोचने वाले सिर्फ नरेंद्र मोदी हैं. उन्होंने कहा, "मोदी जी पहले पीएम हैं जिन्होंने राम मंदिर के दर्शन किए. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होकर उन्होंने करोड़ों हिंदुओं का सपना पूरा किया. अयोध्या के हर महत्वपूर्ण आयोजन में उनकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि उनके लिए संतों की साधना सर्वोपरि है.
संगम में लगाई डुबकी, तैयारियों का लिया जायजा
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ त्रिवेणी संगम पहुंचे. वहां उन्होंने जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और सतुआ बाबा के साथ बोटिंग की और संगम में विधि-विधान से स्नान और पूजन किया. यह दौरा आगामी माघ मेले की भव्यता और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.














