- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में गैंगरेप की शिकार बच्ची ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली
- होली पर पड़ोस के रहने वाले तीन लड़कों ने खेत में उसके साथ गैंगरेप किया था. साथ ही उसके साथ मारपीट भी की थी
- न्याय न मिलने से आहत बच्ची ने 14 अप्रैल को घर में आत्महत्या कर ली. पुलिस मामले की जांच कर रही है
होली के रंग तो खुशिया लाते हैं लेकिन चित्रकूट के एक दलित परिवार के लिए ये खुशियां मातम में बदल गईं. रंग लगाने के बहाने उनकी 17 साल की बेटी से 3 युवकों ने गैंगरेप किया. मासूम बच्ची खेत में पानी भरने गई थी. इसी दौरान पड़ोस के तीन लड़के उसे जबरन उठाकर अरहर के खेत में ले गए. आरोपियों ने उसके पैर बांध दिए. मुंह में कपड़ा ठूसकर एक घंटे तक उसे शारीरिक यातना दी गई. उसे मारा-पीटा और धमकाया भी. काफी देर तक बच्ची घर नहीं पहुंची तो उसका भाई उसे ढूढते हुए खेत में पुंचा. बच्ची खेत में निर्वस्त्र पड़ी मिली. उसकी बड़ी बहन ने खुद मीडिया के सामने बहन के साथ हुई क्रूरता की कहानी बयां की. न्याय नहीं मिला तो बच्ची ने फांसी लगाकर जान दे दी. घटना ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
गैंगरेप हुआ, दर्ज हुई जबरन रंग लगाने की शिकायत
जानकारी के मुताबिक पीड़ित परिवार जब गैंगरेप की शिकायत दर्ज करवाने थाने पहुंचा तो पुलिस ने घटना को डायवर्ट करते हुए हल्की धाराओं में केस दर्ज कर लिया. आरोप है कि पुलिस ने परिवार से कहा कि ऐसा केस दर्ज कराओगे तो तुम्हारी बेटी की शादी नहीं होगी. लड़की को जबरन रंग लगाने का केस दर्ज कर पुलिस ने पीड़ित परिवार के वापस लौटा दिया.
न्याय न मिलने पर बच्ची ने की आत्महत्या
पीड़िता और उसका परिवार इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे थे. वह इंसाफ की आस में एक-एक दिन काट रही थी. पुलिस के सही एक्शन न लेने से आहत होकर बच्ची ने 14 अप्रैल को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिवार के आरोप के मुताबिक, पुलिस ने तीनों आरोपियों को थाने बुलाकर उनसे पैसे लिए. उनको 6 महीने तक गांव में नहीं दिखने का अल्टीमेटम देकर अगले दिन छोड़ दिया. लेकिन आरोपी कुछ दिनों बाद गांव वापस आ गए. जिससे उनकी बेटी सदमे में थी. परिवार जब घर से बाहर गया तो उसने फांसी लगा ली.पुलिस घटना ने चित्रकूट पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पीड़ित परिवार ने थाना पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि गांव के कुछ युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए और फिर जबरन दुष्कर्म किया. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की. उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी.
परिवार का आरोप-ुलिस ने नहीं की प्रभावी कार्रवाई
परिवार का आरोप है कि घटना की सूचना और लिखित शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की. आरोपी लगातार धमकी दे रहे थे और समझौते का दबाव बना रहे थे. जिससे परिवार बुरी तरह डरा हुआ था. पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि होली के दौरान तीन युवकों द्वारा किशोरी को रंग लगाने के आरोप में परिवार ने पहले तहरीर दी थी, जिसकी एंट्री जीडी में दर्ज की गई थी. उस समय परिवार ने किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहने की बात कही थी. 14 अप्रैल की शाम किशोरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
इनपुट- धीरेंद्र शुक्ला













