मेरी सीडी है तो रिलीज कर दो, ये कैसा दिन आ गया है, हंसी आती है- अविमुक्तेश्वरानंद EXCLUSIVE

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि इस मामले का मीडिया में ही ट्रायल चलना है, तो संबंधित सीडी को भी सार्वजनिक कर देना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया, "जब सीडी कोर्ट में जमा कर दी गई है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं कर देते?

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  • अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए कोर्ट में पेश सीडी सार्वजनिक करने की मांग की है
  • उन्होंने कहा कि कैमरा केवल वास्तविक घटनाओं को रिकॉर्ड करता है और काल्पनिक दृश्य नहीं बना सकता है
  • कोर्ट ने पुलिस से जांच करने को कहा था, लेकिन सीडी देखकर एफआईआर दर्ज करने का आदेश नहीं दिया गया है
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प्रयागराज: नाबालिगों से यौन शोषण के गंभीर आरोपों के बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. एनडीटीवी (NDTV) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि अगर उनकी सीडी कोर्ट में पेश हो चुकी है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि इस मामले का मीडिया में ही ट्रायल चलना है, तो संबंधित सीडी को भी सार्वजनिक कर देना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया, "जब सीडी कोर्ट में जमा कर दी गई है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं कर देते? हमारा कहना है कि जब मीडिया में ही ट्रायल चलना है, तो सीडी भी सबके सामने आनी चाहिए."  

कैमरे की रिकॉर्डिंग पर दिया तर्क

जब उनसे सवाल किया गया कि कोर्ट में सीडी पेश कर दी गई है और बच्चों की गवाही धारा 173 के तहत हो गई, तो उन्होंने कैमरे की प्रमाणिकता पर तर्क देते हुए कहा, "देखिए, सीडी या वीडियो कैमरा खुद से कोई दृश्य बना नहीं सकता. दुनिया में कोई भी कैमरा ऐसा नहीं है जो काल्पनिक दृश्य पैदा कर दे. कैमरा वही रिकॉर्ड करता है जो वास्तव में सामने हो रहा होता है. जब हमारे जीवन में कोई घटना घटी ही नहीं, तो कैमरा उसकी सीडी कैसे बना लेगा?"

कोर्ट के आदेश और FIR का हवाला

शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि कोर्ट ने अपने आदेश में ये नहीं कहा कि कोर्ट ने सीडी देखकर एफआईआर दर्ज करने को कहा. कोर्ट ने सिर्फ पुलिस को कहा है कि जांच करो और पुलिस ने कोर्ट को जांच रिपोर्ट दी है.  

क्या है पूरा मामला?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं, उनपर POCSO के तहत कोर्ट के आदेश पर प्रयागराज में केस दर्ज है. उनके खिलाफ इस मामले में आशुतोष ब्रह्मचारी शिकायतकर्ता हैं. वहीं इसपर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि स्वामी रामभद्राचार्य ने झूठा केस कराया है. यही नहीं शंकराचार्य ने आशुतोष ब्रह्मचारी को  'हिस्ट्रीशीटर' की भी संज्ञा दी है. बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ झूंसी थाने में केस दर्ज हुआ है. FIR में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद का भी नाम है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जो कहानी गढ़ी गई वो झूठ साबित होगी.असली अदालत जनता है, जनता की अदालत में जाएंगे.

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