- सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
- इस्तीफे के बाद प्रेमचंद कश्यप ने बिहार की विकासशील इंसान पार्टी जॉइन कर ली है
- कश्यप ने पिछड़े समाज के आरक्षण मुद्दे पर ओमप्रकाश राजभर की चुप्पी को इस्तीफे का कारण बताया है
उत्तर प्रदेश से एक बड़ी राजनीतिक खबर आ रही है, जहां सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. दिलचस्प बात ये है कि इस्तीफा देने के तुरंत बाद ही उन्होंने बिहार के मुकेश सहनी के विकासशील इंसान पार्टी (VIP) जॉइन कर ली. अप्रैल 2022 में प्रेमचंद कश्यप को सुभासपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था.
प्रेमचंद कश्यप के इस फैसले को पूर्वांचल की राजनीति में राजभर वोटों को लेकर अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा 'मैं अपने पूरे होशोहवास के साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पद और आजीवन सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं.'
क्यों दिया इस्तीफा?
सुभासपा से इस्तीफा देने का ऐलान उन्होंने सोशल मीडिया पर किया. इस्तीफा देने की वजह बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री होते हुए भी पिछड़े समाज के लोगों पर अत्याचार और 17 पिछड़ी जातियों के आरक्षण जैसे मुद्दे पर ओमप्रकाश राजभर चुप रहे.
उन्होंने कहा कि जब सरकार में नहीं थे तो ओमप्रकाश राजभर हर दिन आरक्षण पर चिल्लाते थे लेकिन अब एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री रहते हुए आरक्षण जैसे मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने कहा कि अपने समाज और 17 पिछड़ी जातियों के आरक्षण के हित में उन्होंने यह फैसला लिया है. उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रदेश अध्यक्ष के पद पर घुटन महसूस कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि कश्यप मल्लाह होने के नाते वह VIP में आए हैं और अब मुकेश सहनी का साथ देने के लिए आरक्षण जैसे मुद्दे पर 2027 में इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने का काम करेंगे और समाज को आरक्षण दिलाएंगे.
ओमप्रकाश राजभर के लिए बड़ा झटका
ओमप्रकाश राजभर की गिनती उत्तर प्रदेश के पिछड़े समाज के बड़े नेताओं में होती है. योगी सरकार में वह कैबिनेट मंत्री हैं. प्रेमचंद कश्यप का इस्तीफा देना उनके लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं.
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