Fake IAS Case: मोटी रकम की लूट और महंगे शौक पूरा करने के लिए बना फर्जी IAS, दूसरी शादी रचाने वाला इटावा का नटवरलाल गिरफ्तार

fake IAS groom: पुलिस पूछताछ में आरोपी प्रीतम कुमार ने बताया कि उनके द्वारा कभी भी कोई यूपीएससी एग्जाम क्लियर नहीं किया गया. यह अपने आप को मणिपुर कैडेट का IAS बताता था. इसका एजुकेशन ग्राउंड BSC का है. उसने पूछताछ में दो महिलाओं से शादी की बात कबूल की है. गोरखपुर में उसने दूसरी शादी की है. ये लोगों से रुपये ऐठने के लिए शादी करता था. इसके अलावा यह लोगों से अपने आप को फर्जी IAS बताकर उनके साथ फ्रॉड किया है. दुल्‍हन को गोवा में बेचने की प्लानिंग की बात अभी पूछताछ में सामने नहीं आई है.

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Fake IAS Claim: यूपी के गोरखपुर में फर्जी आईएएस बनकर 11 मार्च को दूसरी शादी करने वाले इटावा के नटवरलाल प्रीतम कुमार निषाद को गोरखपुर पुलिस ने जालौन से गिरफ्तार कर लिया है. उसने शादी में दहेज के नाम पर 15 लाख रुपए वसूले थे. वधु पक्ष ने शादी में कुल 30 लाख रुपए खर्च किए थे. धूमधाम से शादी के बाद विदाई के समय जब उस पर लड़की पक्ष के लोगों को उसके ऊपर शक हुआ, तो उन लोगों ने उसका पीछा किया और लड़की की लगातार दी जा रही लोकेशन के आधार पर इटावा उसके घर पहुंचे, तो उसकी पोल खुल गई. इसके बाद आरोपी के खिलाफ गोरखपुर में एफआईआर दर्ज कराई. एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि पैसे और सम्मान के लिए फर्जी IAS बन कर दो शादी रचाई और कई लोग इसके फ्रॉड का शिकार हुए.

फर्जी आईएएस ने ऐसे धोखा देकर रचाई शादी

यूपी के गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर के रहने वाले एक परिवार ने निषाद मैट्रिमोनी वाट्सएप ग्रुप के माध्‍यम से लड़की की शादी की आईएएस अफसर से की और फ्रॉड का शिकार हो गया. पीड़ित ने कैंट थाने में 19 मार्च को मुकदमा दर्ज कराया. पुलिस को बताया कि शादी के लिए संपर्क करने पर प्रीतम ने खुद को IAS अधिकारी बताया और मानिकपुर में अपनी तैनाती की बात कही. साथ ही भरोसा दिलाने के लिए उसने न्यूज चैनल पर दिए गए कथित इंटरव्यू, ऑफिस और कुछ नेताओं के साथ अपनी फोटो-वीडियो भी भेजे. भेजने के बाद फर्जी IAS प्रीतम ने कहा कि वह बिना दहेज के शादी करेगा, लेकिन लड़की पसंद आनी चाहिए. वे उसके झांसे में आ गए, क्योंकि उन्हें लगा कि उन्हें आईएएस दामाद मिल रहा है. इस लालच में रिश्ते के लिए तुरंत हां कर दी. सगाई के बाद शादी की तारीख तय हो गई. सगाई से तीन दिन पहले फर्जी अफसर ने खर्च के नाम पर 15 लाख रुपए मांग लिए.

फर्जी आईएएस की ऐसे खुली पोल

लड़की के पिता ने पुलिस को बताया कि मजबूरी में सगाई के दिन परिवार ने 10 लाख रुपए नकद दिए, जबकि बाकी 5 लाख शादी के दिन तिलक में दिए, तो आरोपी IAS ने कहा कि घर-गृहस्थी का सारा सामान बाद में दीजिएगा, क्योंकि हमारी पोस्टिंग बाहर ही रहती है. 11 मार्च, 2026 को नंदानगर स्थित दुर्गा मैरिज लॉन में धूमधाम से शादी हुई, जिसमें पीड़ित ने करीब 30 लाख रुपए खर्च किए. बारातियों के ठहरने की व्यवस्था मोहद्दीपुर स्थित एक होटल में की गई थी. पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 12 मार्च को बारात विदा होने के बाद शादी में आए व्यक्ति से जानकारी मिली कि युवक आईएएस नहीं है. उसने फर्जी आईएएस बनकर शादी की है. इसके बाद परिजन उसके बताए गए पते पर पहुंचे, तो वहां एक छोटे से कमरे में उनकी बेटी मिली, जबकि आरोपी प्रीतम और उसकी बहन देखते ही मौके से फरार हो गए.

पुलिस ने की गिरफ्तारी की पुष्टि

इस पूरे मामले पर गोरखपुर के एसपी सिटी निमिष पाटिल ने पुलिस लाइन्‍स के व्हाइट हाउस सभागार में घटना का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि पीड़िता के पिता ने कैंट थाने में आरोपी प्रीतम निषाद उर्फ अर्जुन सिंह पुत्र शिवपाल सिंह निवासी अन्दावा की मड़इया मलहान थाना बकेवर जिला इटावा के खिलाफ बीएनएस की धारा 319 (2), 318 (4), 75 (1), 204,338, 336 (4), 340 (2) कराया गया था. जिसे जालौन से गिरफ्तार किया गया. एसपी सिटी ने बताया पीड़ित के मुताबिक उनकी बेटी से प्रीतम निषाद नाम का व्यक्ति फर्जी IAS बनकर शादी की थी. इस संबंध मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया.

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रुपये ऐंठने के लिए करता था शादी

पुलिस पूछताछ में आरोपी प्रीतम कुमार ने बताया कि उनके द्वारा कभी भी कोई यूपीएससी एग्जाम क्लियर नहीं किया गया. यह अपने आप को मणिपुर कैडेट का IAS बताता था. इसका एजुकेशन ग्राउंड BSC का है. उसने पूछताछ में दो महिलाओं से शादी की बात कबूल की है. गोरखपुर में उसने दूसरी शादी की है. ये लोगों से रुपये ऐठने के लिए शादी करता था. इसके अलावा यह लोगों से अपने आप को फर्जी IAS बताकर उनके साथ फ्रॉड किया है. दुल्‍हन को गोवा में बेचने की प्लानिंग की बात अभी पूछताछ में सामने नहीं आई है.

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गोरखपुर के एसपी सिटी निमिष पाटिल ने कहा कि यह बात सत्य है निषाद विवाह ग्रुप नाम का वाट्सएप पर ग्रुप है. उसके माध्यम से ये वादी के संपर्क में आया था. उस पर विश्वास होने पर शादी हो गई. जांच में सामने आया है कि उसका उद्देश्‍य फ्रॉड कर पैसा कमाना था. इसे लगता था कि इसका IAS बनने का जो सपना था, वो पूरा नहीं हो पाया, तो उसने जो इसके उद्देश्य थे IAS बताने के बाद इसको सम्मान और पैसा दोनों मिलने लगा. पूरे मामले यह अकेला काम कर रहा था. इसके शादी में जितने लोग शामिल थे सभी से पूछताछ चल रही है, जिसका भी रोल सामने आएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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