यूपी कांग्रेस को यूपी दिवस के दिन एक बड़ा झटका लगा हैं. जहाँ सीनियर लीडर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस ने आज पत्र लिखकर कांग्रेस की सदस्य्ता से इस्तीफा दे दिया. हालांकि कांग्रेस के कई सीनियर लीडर अभी भी नसीमुद्दीम सिद्दीकी को मनाने में लगी हुई हैं. लेकिन सिद्दीकी अपना फैसला ले चुके हैं. नसीमुद्दीन सिद्दीकी किधर का रुख करेंगे ये फैसला अपने लोगों के साथ बैठजकर 3 से 4 दिनों में तय करेंगे.
इस्तीफे की बड़ी वजहें
NDTV से खास बातचीत में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने साफ किया कि उन्हें कांग्रेस से कोई निजी शिकायत नहीं है, लेकिन जिस तरह का काम वह करना चाहते थे, वैसा मौका उन्हें नहीं मिल रहा था. उन्होंने कहा, "मैं एक जमीनी आदमी हूं. मैंने पार्टी के लिए अपनी निजी जिंदगी तक कुर्बान की है. मेरी बेटी मर गयी उसे दफनाने नहीं जा पाया क्योंकि संगठन के काम में लगा था."
सिद्दीकी ने कहा कि उनके चेहरे पर कोई दाग नहीं है और न ही उन्हें खुद को साफ सुथरा दिखाने के लिए किसी वाशिंग मशीन की जरूरत है. युवा नेता इमरान प्रतापगढ़ी से अनबन की खबरों पर उन्होंने कहा कि "वह मेरे सामने बच्चे जैसा है, उनसे कोई जलन या शिकवा नहीं है."
आगे की रणनीति क्या है?
सिद्दीकी ने अभी किसी भी दूसरी पार्टी में शामिल होने के संकेतों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने बताया कि वह अगले 3 से 4 दिनों में अपने समर्थकों और करीबी लोगों के साथ बैठकर विचार-विमर्श करेंगे और उसके बाद ही अपने भविष्य का फैसला लेंगे.
सिद्दीकी ने मिर्जा गालिब की मशहूर शायरी कहते हुए बोला, "महज दिल बहलाने के लिए गालिब ख्याल अच्छा है... यह दिल वालों की बस्ती है अजब है दास्तां इसकी, किसी से दिल नहीं मिलता कोई दिल से नहीं मिलता."
हालांकि, कांग्रेस के कई बड़ेठ नेता अभी भी उन्हें मनाने की कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन सिद्दीकी के तेवरों से साफ है कि वह अब अपने रास्ते अलग कर चुके हैं.














