- BSP सुप्रीमो मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को पार्टी में भ्रम फैलाने और अनुशासनहीनता के आरोप में निकाल दिया है.
- अशोक सिद्धार्थ पहले भी अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निकाले गए थे और पुनः सुधार न करने पर बाहर किए गए हैं.
- रणधीर सिंह बेनीवाल को भी अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निष्कासित किया गया है.
उत्तर प्रदेश में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होना है. लेकिन इस चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी में आतंरिक कलह तेज होता नजर आ रहा है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी नेता अशोक सिद्धार्थ को फिर से बाहर कर दिया है. अशोक सिद्धार्थ मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर हैं. बसपा में आकाश आनंद की गिनती मायावती के बाद नंबर-2 के रूप में होती है. अशोक सिद्धार्थ के साथ-साथ मायावती ने भतीजे आकाश आनंद के पर भी कतर दिए हैं. मायावती ने खुद एक्स पोस्ट में इस बात की जानकारी दी है. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि अशोक सिद्धार्थ को अब दोबारा कभी पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा.
1. जैसाकि सर्वविदित है कि श्री अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद को महाराष्ट्र के चुनाव में खा़सकर पार्टी टिकट के बंटवारे को लेकर बी.एस.पी. महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष आदि के साथ सही से तालमेल करके नहीं चलने की वजह से अनुशासनहीनता व दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने पर पार्टी से निष्कासित कर…
— Mayawati (@Mayawati) August 2, 2026
अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी में भ्रम फैलाने का आरोप
मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट में आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को BSP से निष्कासित करने की जानकारी दी. मायावती ने अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी में भ्रम फैलाने, अनुशासनहीनता करने और आगामी यूपी विधानसभा उपचुनाव के अभियान को प्रभावित करने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.
रणधीर सिंह बेनीवाल को भी BSP से निकाला गया
मायावती के मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ को पहले भी पार्टी से निकाला गया था और दोबारा गलती न करने की शर्त पर जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन चेतावनियों के बावजूद उनके रवैये में सुधार नहीं आया. इसके साथ ही पार्टी के ताकतवर नेता और पंजाब सहित कई राज्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे रणधीर सिंह बेनीवाल को भी अनुशासनहीनता के आरोप में BSP से बाहर कर दिया गया है.
मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से क्यों निकाला?
बसपा मुखिया मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है कि सर्वविदित है कि अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद को महाराष्ट्र के चुनाव में खा़सकर पार्टी टिकट के बंटवारे को लेकर बी.एस.पी. महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष आदि के साथ सही से तालमेल करके नहीं चलने की वजह से अनुशासनहीनता व दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने पर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था तथा उन्हें दोबारा पार्टी में इस शर्त के साथ वापस लिया गया था कि वे दोबारा ऐसी ग़लती नहीं करेंगे और साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश में कहीं पर भी नहीं, बल्कि केवल दूसरे राज्यों में ही पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की ज़िम्मेदारी दी जायेगी.
उन्होंने आगे लिखा कि लेकिन उसके बाद जिन भी राज्यों की ज़िम्मेदारी बी.एस.पी. कोआर्डिनेटर के रूप में उन्हें दी गई, वहां इन्होंने अपनी ज़िम्मेदारी को सही से नहीं निभाया. केवल कर्नाटक ही नहीं बल्कि उड़ीसा व पश्चिम बंगाल इन राज्यों से भी इनकी अनुशासनहीनता अर्थात् पार्टी के दिशा-निर्देश के उल्लंघन की ख़बरें लगातार आते रहने के फलस्वरूप इनको बार-बार चेतावनी देने के बावजूद भी इनमें सुधार नहीं आने की वजह से कल अशोक सिद्धार्थ को पार्टी की सभी ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था.
मायावती ने लिखा कि इसके बाद यूपी में इनके वापस लौटने की ख़बरें जानबूझकर पार्टी में भ्रम की स्थिति फैलाकर आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव के सघन अभियान को प्रभावित करने का षड्यंत्र है. इसलिए पार्टी और मूवमेन्ट के हित में अशोक सिद्धार्थ को आज तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और अब इन्हें पार्टी में आगे कतई भी वापिस नहीं लिया जायेगा.
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार रणधीर सिंह बेनीवाल (निवासी ज़िला सहारनपुर) को बी.एस.पी. कोआर्डिनेटर के रूप में पंजाब सहित हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर की भी कुछ ज़िम्मेदारी दी गयी थी. उनके विरुद्ध़ भी अनुशासनहीनता व पार्टी दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने की ख़बरें लगातार आती रही हैं और अब रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी व मूवमेन्ट के हित के मद्देनज़र आज इनको भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
मायावती ने कहा- उम्मीदवार चयन पर आखिरी फैसला मैं ही कर रहीं
इससे दो दिन पहले ही मायावती ने एक एक्स पोस्ट में आकाश आनंद के कद बढ़ाने-घटाने से जुड़ी चल रही चर्चाओं पर जवाब दिया था. मायावती ने स्पष्ट किया कि यूपी चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन का अंतिम निर्णय मेरे द्वारा ही लिया जा रहा है. आकाश आनंद का उससे कोई लेना-देना नहीं है.
मायावती ने यह भी बताया कि उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर लखनऊ में दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों का नाम फाइनल कर लिया गया है. आगे भी उम्मीदवारों का चयन मैं ही करूंगी.