लखनऊ: रमजान के आखिरी जुमे यानी अलविदा की नमाज पर आज राजधानी लखनऊ के बड़े इमामबाड़े में ईरान के समर्थन में मुसलमानों की भीड़ जमा हो गई. नमाज खत्म होने के बाद हजारों की संख्या में नमाजियों ने अमेरिका और इजराइल के विरोध में एक बड़ा प्रदर्शन किया.
नारेबाजी और विरोध का अनोखा तरीका
इमामबाड़े के परिसर में नमाज के बाद माहौल पूरी तरह से विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया. प्रदर्शनकारियों ने 'नारा-ए-तकबीर', 'अल्लाह हू अकबर', 'ईरान जिंदाबाद' और 'अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद' के बुलंद नारे लगाए. इमामबाड़े के प्रवेश मार्ग पर जमीन और डस्टबिन पर अमेरिका और इजराइल के झंडे लगाए गए थे. नमाज के लिए आने वाले लोग इन झंडों पर पैर रखकर अंदर दाखिल हुए. पूछने पर लोगों ने दोटूक कहा कि चूंकि इन देशों ने हमारे रहबर (धर्मगुरु) को शहीद किया है, इसलिए वे सम्मान के हकदार नहीं हैं.
"इस बार नहीं मनेगी ईद": गमजदा दिखे नमाजी
प्रदर्शन के दौरान नमाजियों ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए इस साल ईद न मनाने का ऐलान किया. आमतौर पर ईद खुशी का त्यौहार होता है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब उनके रहबर ही नहीं रहे, तो खुशी किस बात की? प्रदर्शनकारियों ने कहा, "हमारी ईद तब होगी जब नेतन्याहू मारा जाएगा या ईरान की फतह (जीत) होगी. फिलहाल हम गम में हैं और इस बार ईद की खुशियां नहीं मनाएंगे."














