कानपुर में घुसपैठियों का पता लगा रही है पुलिस, जांच में इतने संदिग्ध मिले हैं

कानपुर पुलिस इन दिनों अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान चली रही है. पुलिस ने सौ से अधिक विदेशी नागरिकों की पहचान की है. इन लोगों के कागजात का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए टीमें संबंधित राज्यों में भेजी गई हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
कानपुर:

उत्तर प्रदेश में इन दिनों घुसपैठियों की पड़ताल तेज हो गई है. कानपुर में भी घुसपैठियों की पहचान की जा रही है. कानपुर पुलिस ने 100 से अधिक संदिग्ध नागरिकों की पहचान की है. पुलिस ने इन लोगों के कागजात लेकर उनके स्थायी पते की भौतिक सत्यापन करने के लिए पुलिस की चार टीमें संबंधित राज्यों और जिलों में भेजी गई हैं. पुलिस के मुताबिक इन टीमों की रिपोर्ट के आधार प आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

कानपुर के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आशुतोष कुमार ने एनडीटीवी को बताया कि कानपुर में 12 से 14 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां संदिग्ध घुसपैठिए रहते हैं.इन जगहों को इंटेलिजेंस टीम ने भी फ्लैग किया है. यह पता चला है कि यहां 200 से 300 लोग पश्चिम बंगाल के हैं.पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये लोग अपना आधार कार्ड भी पश्चिम बंगाल का ही बताते हैं. उन्होंने बताया कि इन लोगों के कागजात के सत्यापन के लिए टीमें वेस्ट बंगाल गई हुई हैं. इन संदिग्ध लोगों की टीमें जांच कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अगर जांच में इन लोगों के कागजात फर्जी पाए जाते हैं तो इनको डिकोड किया जाएगा.

क्या कहना है पुलिस का

जॉइंट सीपी ने यह भी बताया कि कानपुर में रहने वाले बांग्लादेशियों की जब पहचान की जाती है तो वे खुद को पश्चिम बंगाल का बताते हैं. ये लोग अपना आधार कार्ड भी दिखाते हैं. उन्होंने बताया कि कानपुर में जून में एक बांग्लादेशी नागरिक पकड़ा गया था.उसने यहां का अपना आधार कार्ड बनवा लिया था,उसे अदालत ने जेल भेजा दिया था. उन्होंने बताया कि कानपुर में 100 लोगों की नागरिकता संदिग्ध पाई गई है, उनके कागजात के सत्यापन के लिए पुलिस टीमें झारखंड और असम गई हुई हैं.

कानपुर में बांग्लादेशी, रोहिंग्या और घुसपैठियों के संबंध में कुछ समय पहले जांच में 1 हजार ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया था.इसमें 10 फीसदी (100 लोग) ऐसे मिले जिनके पते संदिग्ध मिले या वह दिए हुए पते पर नहीं रहते पाए गए.कानपुर में घुसपैठियों की जांच के लिए चार टीमें बराबर जांच कर रही हैं. इन 100 संदिग्ध लोगों की जांच के लिए टीमों को असम और झारखंड भेजा गया है. वहां से रिपोर्ट आने के बाद इन संदिग्धों पर अगला स्टेप उठाया जाएगा.

Advertisement

कहां कहां भेजी गई हैं पुलिस की टीमें

वहीं पुलिस की खुफिया शाखा एलआईयू के एडीसीपी महेश कुमार ने बताया कि कानपुर के जाजमऊ, रायपुरवा, बाबूपुरवा,रेल बाजारा, बेकेनगंज में ये संदिग्ध बांग्लादेशी काम करते हैं, इनमें से अधिकांश लोग कूड़े के काम और कुछ चमड़ा फैक्टरियों में लगे हुए हैं.  पुलिस के इस अधिकारी ने बताया कि करीब 1000 हजार लोगों को संदिग्ध माना गया है, इनके कागजात जमाकर पश्चिम बंगाल में उनकी जांच कराई गई. इनमें 90 फीसदी से कागजात सही पाए गए, लेकिन करीब 10 फीसदी के कागजात गलत निकले हैं. इनकी संख्या 100 से अधिक है. इन लोगों की जांच-पड़ताल के लिए पुलिस कमीश्नर ने चार टीमों का गठन किया है.  इन टीमों को स्थलीय जांच के लिए संबंधित राज्यों में भेजा गया है. इन जिलों में झारखंड का पाकुड़ और असम का बरपेटा जिला प्रमुख है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन टीमों की रिपोर्ट आने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा. 

ये भी पढ़ें:  धर्मेंद्र को अंतिम विदाई देने के बाद हेमा मालिनी ने मीडिया के सामने जोड़े हाथ, वीडियो देख फैंस हुए इमोशनल

Advertisement
Featured Video Of The Day
Iran Israel War: महायुद्ध में अब तक ईरान ने UAE पर कहां-कहां हमला किए? | Iran War News
Topics mentioned in this article