2 करोड़ कैश और 59 किलो चांदी, नोट गिनते-गिनते थक गई टीम... कानपुर में सट्टेबाज के घर मिला 'कुबेर का खजाना'

कानपुर में एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग और सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. इस कार्रवाई में पुलिस ने 2 करोड़ कैश और 59 किलो चांदी बरामद की है.

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कानपुर में बरामद कैश.
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  • कानपुर के कलेक्टरगंज इलाके में पुलिस ने बड़े मनी लॉन्ड्रिंग और सट्टेबाजी रैकेट का पर्दाफाश किया
  • पुलिस ने रमाकांत के मकान पर छापा मारा जहां हवाला, अवैध ट्रेडिंग और सट्टेबाजी का सिंडिकेट संचालित हो रहा था
  • छापे में करीब दो करोड़ रुपये नकद और लगभग 59 किलो चांदी बरामद की गई, जो लगभग दो करोड़ रुपये मूल्य की है
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कानपुर:

उत्तर प्रदेश के कानपुर का कलेक्टरगंज इलाका आज उस समय छावनी में तब्दील हो गया, जब पुलिस ने धनकुट्टी की तंग गलियों में एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग और सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया. पुलिस की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' में करीब 4 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति बरामद की गई है, जिसमें 2 करोड़ रुपये नकद और 59 किलो चांदी शामिल है.

रात 8 बजे हुई 'धनकुट्टी' में बड़ी कार्रवाई

पुलिस कमिश्नर के सख्त निर्देशों पर एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके की अगुवाई में पुलिस टीम ने रात करीब 8 बजे रमाकांत नामक व्यक्ति के मकान पर छापा मारा. पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि इस मकान के भीतर हवाला, इलीगल ट्रेडिंग और सट्टेबाजी का बड़ा सिंडिकेट संचालित हो रहा है. घेराबंदी इतनी सटीक थी कि आरोपियों को भागने का मौका तक नहीं मिला.

कमरे का नजारा देख उड़े पुलिस के होश

जब पुलिस टीम कमरे के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा किसी 'कुबेर के खजाने' जैसा था. कमरे में नोटों के ढेर लगे थे और नोट गिनने के लिए मशीनें चल रही थीं. 2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी और 59 किलो चांदी बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है. 

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हवाला और इलीगल ट्रेडिंग का जाल

एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि यह गिरोह इलीगल बेटिंग (सट्टेबाजी) और हवाला के जरिए काला धन डंप कर रहा था. पुलिस ने मौके से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से कुछ संदिग्ध मोबाइल ऐप्स और ट्रेडिंग साइट्स के लिंक मिले हैं, जिनके जरिए यह पूरा गोरखधंधा विदेशों या अन्य राज्यों से जुड़ा होने की आशंका है.

रडार पर शहर के कई 'सफेदपोश'

पुलिस की साइबर सेल अब पकड़े गए मोबाइल फोन और ऐप्स की बारीकी से जांच कर रही है. शुरुआती पूछताछ में कई चौंकाने वाले इनपुट मिले हैं. माना जा रहा है कि इस रैकेट के तार शहर के कई बड़े व्यापारियों और सफेदपोशों से जुड़े हो सकते हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा कहां से आ रहा था और इसे कहां खपाया जाना था.

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