- झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की रविवार रात सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के पास खून से लथपथ शव मिला था
- अनीता ने 2020 में नौकरी छोड़कर कोरोना काल में ऑटो चालक बनने का साहसिक कदम उठाया था और इतिहास रचा था
- परिजनों ने हत्या और लूटपाट का आरोप लगाया है क्योंकि शरीर पर सिर में गंभीर चोट के अलावा कोई अन्य चोट नहीं थी
बुंदेलखंड की धरती पर 'साहस की मिसाल' मानी जाने वाली झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की रविवार रात दर्दनाक मौत हो गई. स्टेशन रोड स्थित सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के पास उनका खून से लथपथ शव मिला. जहां पुलिस शुरुआती जांच में इसे सड़क दुर्घटना मान रही है, वहीं परिजनों ने लूटपाट के बाद हत्या का गंभीर आरोप लगाया है.
स्वाभिमान के लिए छोड़ी थी नौकरी, संघर्ष से बनाई थी पहचान
अनीता चौधरी (40 वर्ष), जो नवाबाद थाना क्षेत्र के तालपुरा (अंबेडकर नगर) की निवासी थीं, उनकी जीवन यात्रा संघर्ष और स्वाभिमान की कहानी थी. 15 साल तक एक निजी संस्थान में काम करने के बाद 2020 में सुपरवाइजर से हुए विवाद के बाद उन्होंने अपने आत्मसम्मान के लिए नौकरी छोड़ दी थी.
पति द्वारका चौधरी के ठेले की कमाई से घर का गुजारा मुश्किल था. कोरोना काल में महाराष्ट्र से खाली हाथ लौटने के बाद अनीता ने ऑटो चलाने का साहसी फैसला लिया. परिवार के विरोध और बैंक लोन की दिक्कतों के बावजूद, उन्होंने 18 फरवरी 2021 को अपना पहला ऑटो खरीदा और झांसी की पहली महिला चालक बनकर इतिहास रचा.
परिजनों का आरोप: "लूटपाट के बाद हुई हत्या"
अनीता की बहन विनीता चौधरी और अन्य परिजनों का कहना है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं है. उन्होंने अपनी दलीलों में निम्नलिखित बिंदु उठाए हैं. परिजनों के अनुसार, शरीर पर केवल सिर में गंभीर चोट है. यदि ऑटो पलटने से हादसा होता, तो शरीर के अन्य हिस्सों में भी खरोंचें या चोटें होतीं.
अनीता के शरीर से मंगलसूत्र, कान-नाक के गहने, पायल और उनका मोबाइल फोन गायब है. परिजनों को शक है कि लूटपाट के इरादे से उन पर हमला किया गया और घटना को एक्सीडेंट का रूप देने के लिए लाश के पास ऑटो को पलट दिया गया.
घटनाक्रम: रविवार की वो काली रात
अनीता अक्सर घर की जिम्मेदारियों के कारण सुबह और रात के समय ऑटो चलाती थीं.
रात 9:30 बजे: वह घर से काम के लिए निकली थीं.
रात 1:30 बजे: परिजनों को उनके लहूलुहान मिलने की सूचना मिली.
पुलिस को सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के पास ऑटो पलटा हुआ मिला और पास ही अनीता का शव पड़ा था.
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम का इंतजार
झांसी पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला सड़क हादसे का लग रहा है. हालांकि, परिजनों के भारी हंगामे और आरोपों के बाद पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है.स्थानीय पुलिस प्रशासन के मुताबिक, "शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा." अनीता के परिवार ने मांग की है कि क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके. एक ऐसी महिला जिसने अपनी मेहनत से समाज की बेड़ियों को तोड़ा, उसकी ऐसी संदिग्ध मौत ने पूरे झांसी को झकझोर कर रख दिया है.














