- गोरखपुर में निर्माणाधीन खुले नाले में 12 वर्षीय मासूम कन्हैया साइकिल से गिर गया और पेट में सरिया घुस गया था
- मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चे के पेट से सरिया निकालकर उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था
- मासूम का इलाज BRD अस्पताल में डेढ़ घंटे चला, लेकिन गंभीर रक्तस्राव के कारण उसकी मृत्यु हो गई थी
यूपी के गोरखपुर में पीडब्ल्यूडी और जीडीए के लापरवाही खुले निर्माणाधीन नाले में साइकिल लेकर 12 साल का मासूम गिर गया. नाले में लगे सरिया पेट में घुस गई. चीखता चिल्लाता देख आस पास के लोग मौके पर पहुंचे बच्चे के पेट से सरिया बाहर निकाला. फिर रोड पर लिटाया मासूम तड़पता रहा. तत्काल लोगों ने परिजनों को सूचना दी, और एम्बुलेंस मंगाकर उसे उपचार के लिए BRD पहुंचाया. इलाज के दौरान मासूम कन्हैया चौरसिया की मौत हो गई. आस-पास के लोग PWD/GDA की लापरवाही बता रहे. चिलुआताल प्रभारी सुरज सिंह ने बताया कि बच्चे का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. पर परिजन के तरफ से किसी तरह की तहरीर नहीं दी गई है. जांच PWD/GDA की तरफ से चल रहा है.
गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के मुड़ीला उर्फ मुंडेरा निवासी श्याम सुंदर चौरसिया के तीन बच्चे हैं. पत्नी गृहणी है. परिवार के परवरिश के लिए श्याम सुंदर सब्जी बेचकर परिवार का पालन पोषण करता है. तीन बच्चों में मृतक मासूम कन्हैया सबसे बड़ा बच्चा है. कन्हैया क्लास 5 में पड़ता था.
श्याम सुंदर चौरसिया मृतक के पिता ने बताया कि कन्हैया को साइकिल चलाने का शौक था. वह दूसरे बच्चों से साइकिल मांगता था. उसे डांट फटकार सुननी पड़ती थी. यह देखकर अच्छा नहीं लगता था. 14 फरवरी वेलेंटाइन डे को 2600 रुपए की एक साइकिल खरीदकर कन्हैया को गिफ्ट किया था. कन्हैया दोस्तों के साथ साइकिल सीख रहा था.
बुधवार की शाम साइकिल चलाते समय वे खुले निर्माणाधीन नाले में गिर गया. जिसमें निकला सरिया उसके पेट में घुस गया. मृतक के पिता श्याम सुंदर ने बताया कि वे सब्जी बेचने गया था. इसकी सूचना मिली तो वे भागा आया तबतक लोग BRD एम्बुलेंस से पहुंचा दिए थे. वहां डेढ़ घंटे तक इलाज चला फिर उसकी मौत हो गई. मृतक के पिता श्याम सुंदर ने बताया कि डॉक्टर का कहना है कि सरिया निकालने से खून ज्यादा निकल गया, जिसकी वजह से मौत हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक साइकिल अनियंत्रित हो गई वे खुले नाले में गिरा. जिससे सरिया उसके पेट में धंस गया.बच्चा खून से लथपथ था और चिल्ला रहा था. फिर भी चीखने की आवाज सुनकर लोगों ने हिम्मत करके पेट में फंसे सरिया को बच्चे से निकालकर एम्बुलेंस बुलाया और BRD पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई. उनका कहना है कि यह पूरी तरह से पीडब्ल्यूडी और जीडीए की लापरवाही है उन्हें खुला नाला नहीं छोड़ना चाहिए था.














