एक साथ 10 शव पहुंचे गांव, सबकी आंखें हुई नम; नवरात्रि के अंतिम दिन सड़क हादसे में हुई थी मौत 

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में नवरात्रि के अंतिम दिन हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के 10 लोगों की मौत हो गई. प्रयागराज से मुंडन संस्कार कर लौटते समय कौशांबी में पिकअप और ट्रेलर की टक्कर हो गई. जब एक साथ 10 शव गांव पहुंचे तो हर आंख नम हो गई.

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Kaushambi Road Accident: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में नवरात्रि के आखिरी दिन जो होना था, उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. एक मासूम बच्चे के मुंडन संस्कार की खुशियां मातम में बदल जाएंगी, यह किसी ने नहीं सोचा था. प्रयागराज संगम से लौटते वक्त हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 10 लोगों की मौत हो गई. जब देर रात एक‑एक कर शव गांव पहुंचे, तो पूरे गांव में चीख‑पुकार मच गई और हर आंख नम हो गई.

फतेहपुर से संदीप केशरवानी की रिपोर्ट...

मुंडन संस्कार के लिए गया था पूरा परिवार

दरअसल, चांदपुर थाना क्षेत्र के गज्जा का डेरा गांव से नवरात्रि के अंतिम दिन करीब 30 लोग पिकअप वाहन से प्रयागराज गए थे. परिवार तीन साल के शुभम के मुंडन संस्कार में शामिल होने के लिए संगम पहुंचा था. पूरे परिवार में खुशी का माहौल था, लोग पूजा‑पाठ और संस्कार पूरा कर लौट रहे थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर आखिरी साबित होगा.

कौशांबी में हुआ दर्दनाक हादसा

प्रयागराज से लौटते समय कौशांबी जिले के डोरमा इलाके के पास पिकअप वाहन की एक तेज रफ्तार ट्रेलर से जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी भयानक थी कि पिकअप में सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. हादसे के तुरंत बाद चीख‑पुकार मच गई और मौके पर अफरा‑तफरी का माहौल बन गया.

हादसे में 10 लोगों की मौत

इस हादसे में कुल 10 लोगों की मौके पर ही या इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतकों में रंजना (20 वर्ष), ध्रुव (7 वर्ष), सुखरानी, अभय उर्फ गोलू (8 वर्ष), गुड़िया देवी, मयंक (6 वर्ष), मैकी देवी (55 वर्ष), राजकुमारी उर्फ रामकुमारी, सुंदी देवी (70 वर्ष) और दर्शनीय देवी (70 वर्ष) शामिल हैं. एक ही परिवार के इतने लोगों की मौत से गांव शोक में डूब गया.

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हादसे में करीब 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका नजदीकी अस्पताल में इलाज चल रहा है. कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है. डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है.

शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम

जब देर रात एक‑एक कर 10 शव गांव पहुंचे, तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया. गांव में चूल्हे नहीं जले, हर घर से रोने‑बिलखने की आवाजें आने लगीं. ग्रामीणों का कहना है कि शुभम के जन्म के बाद घर में खुशियों की रौनक आई थी, लेकिन अब वही खुशियां मातम में बदल गई हैं.

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जनप्रतिनिधियों ने बंधाया ढांढस

घटना की सूचना मिलने के बाद जिले के जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. साथ ही सरकार द्वारा घोषित मुआवजे की राशि जल्द दिलाने के लिए कौशांबी डीएम से बातचीत भी की गई है.  

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