- इटावा जिले में यमुना के बीहड़ों में स्थित बीहड़ वाले सैयद बाबा की मजार को अवैध अतिक्रमण घोषित किया गया है
- वन विभाग ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद मजार पर ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया था
- मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह मजार सैकड़ों साल पुरानी है और इसकी वैधता को लेकर विवाद है
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में यमुना के बीहड़ों के बीच स्थित ऐतिहासिक 'बीहड़ वाले सैयद बाबा' की मजार इन दिनों कानूनी विवादों के घेरे में है। वन विभाग ने इस मजार को 'अवैध अतिक्रमण' घोषित कर ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया था. इसी नोटिस के खिलाफ गुरुवार को अदालत में सुनवाई हुई.
मुस्लिम पक्ष का दावा है कि ये मजार सैकड़ों साल पुरानी है. जबकि वन विभाग का दावा है कि उनके नक्शे में इसका कोई जिक्र नहीं है. मजार के ध्वस्तीकरण का नोटिस वन विभाग ने चस्पा किया था.
दोनों पक्षों का क्या है कहना?
ये मजार इटावा के बीहड़ों में स्थित है. मुख्यमंत्री पोर्टल पर 3 जनवरी को दर्ज हुई एक शिकायत के बाद वन विभाग ने इसे 'सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा' घोषित कर दिया है. वन विभाग ने मजार पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा किया था.
वहीं, मुस्लिम पक्ष की तरफ से पक्षकार फजले इलाही ने अपना पक्ष रखते हुए वन विभाग के स्पष्ट जानकारी मांगी है. मुस्लिम पक्ष की दलील है कि ये मजार सैकड़ों साल पुरानी है. मुस्लिम पक्ष का साफ कहना है कि अगर उन्हें यहां से इंसाफ नहीं मिलता है तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा.
16 फरवरी को अगली सुनवाई
नोटिस के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने अदालत में अर्जी दाखिल की और वन विभाग की कार्रवाई को अवैध बताया. गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 16 फरवरी तय की है. तब तक के लिए मजार का ध्वस्तीकरण नहीं होगा.














