Corruption in UP: उत्तर पदेश के हमीरपुर जिले से भष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कारवाई की खबर सामने आई है. यहां कलेक्टेट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एंटीकरप्शन टीम ने चकबंदी विभाग के एक पेशकार को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों दबोच लिया. यह कारवाई उस वक्त हुई, जब आरोपी एक रिटायर्ड फौजी से जमीन के काम के बदले रुपयों की मांग कर रहा था.
पूरा मामला जिले के कुपरा गांव से जुड़ा है. हरियाणा के रहने वाले रिटायर्ड आर्मी हवलदार धर्मवीर सिंह ने यहां सवा 13 बीघा जमीन खरीदी थी. इस जमीन के नक्शा सुधार की फाइल चकबंदी विभाग में अटकी हुई थी. धर्मवीर सिंह का आरोप है कि पिछले छह महीनों से उनका काम रोकने के बहाने विभाग के चक्कर लगवाए जा रहे थे और काम के बदले डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी.
25 हजार रुपये में तय हुआ था सौदा
लगातार कटवाए जा रहे चक्कर और काम न होने से परेशान होकर धर्मवीर सिंह ने अधिकारियों के सामने झुकने के बजाय भष्टाचार के खिलाफ लड़ने का फैसला किया. उन्होंने बांदा स्थित एंटी करप्शन टीम से इस मामले की लिखित शिकायत की. आरोपी पेशकार अल्ताफ अली ने लंबी बातचीत के बाद रिश्वत की रकम को कम करके 25 हजार रुपये पर तय किया था.
ऐसे चढ़ा एंटी करप्शन टीम के हत्थे
शिकायत की पुष्टि होने के बाद, गुरुवार को बांदा से आई 20 सदस्यीय एंटी करप्शन टीम ने कलेक्ट्रेट परिसर में अपना जाल बिछाया. जैसे ही धर्मवीर सिंह ने तयशुदा 25 हजार रुपये पेशकार अल्ताफ अली को सौंपे, सादे कपड़ों में तैनात टीम ने उसे तुरंत घेर लिया और रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत के पैसे भी बरामद किए हैं.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि लोकसेवक अल्ताफ अली के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोपी को सदर कोतवाली ले जाया गया है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की गई.
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रिटायर्ड फौजी धर्मवीर सिंह ने बताया कि देश की सेवा के बाद अपनी ही जमीन के हक के लिए उन्हें सिस्टम से लड़ना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि मुझसे पहले डेढ़ लाख रुपये मांगे गए थे. मैं बारबार मिन्नतें करता रहा, लेकिन बिना पैसों के फाइल आगे बढ़ाने को कोई तैयार नहीं था. अंत में हार मानकर मैंने कानून का सहारा लिया.
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