बैंक लॉकर में ही लॉक हो गया CBSE 10वीं का पेपर, 10 की बजाय 1 बजे शुरू हुआ एग्जाम; UP में ये क्या हुआ?

मुजफ्फरनगर में सीबीएसई 10वीं का इंग्लिश पेपर बैंक के लॉकर में ही लॉक हो गया. इस कारण एग्जाम तीन घंटे की देरी से हुआ. इसे लेकर माता-पिता ने नाराजगी जताई है.

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  • मुजफ्फरनगर के खतौली तहसील स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल में दसवीं बोर्ड इंग्लिश पेपर तीन घंटे देरी से शुरू हुआ
  • पेपर बैंक के लॉकर में लॉक हो जाने के कारण सुबह दस बजे के पेपर को दोपहर एक बजे शुरू कराया गया
  • पेपर न खुलने पर स्कूल प्रशासन ने सीबीएसई को सूचित कर ईमेल से पेपर प्राप्त कर प्रिंट आउट निकलवाया
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मुजफ्फरनगर:

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शनिवार को सीबीएसई बोर्ड एग्जाम में बड़ी लापरवाही उस समय देखने को मिली जब खतौली तहसील क्षेत्र में स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल में 10 बजे होने वाला इंग्लिश का पेपर तीन घंटे की देरी से हुआ. देरी भी इसलिए हुई क्योंकि पेपर बैंक के लॉकर में लॉक हो गया था. इसके बाद ईमेल पर पेपर भेजा गया, फिर उसका प्रिंट आउट निकलवाकर एग्जाम कराया गया. तीन घंटे की देरी होने पर छात्रों के माता-पिता का गुस्सा फूट पड़ा. माता-पिता का कहना है कि पेपर को पोस्टपोन कर देना चाहिए था. इतनी देर तक छात्रों को बैठाकर रखने की क्या जरूरत थी.

दरअसल, सीबीएसई 10वीं बोर्ड एग्जाम का इंग्लिश पेपर कैनरा बैंक के लॉकर में लॉक हो गया था. बैंक कर्मियों ने लॉकर को खोलने की कोशिश की लेकिन वो खुला ही नहीं. इसके बाद स्कूल प्रशासन ने सीबीएसई को इसकी सूचना दी तो पेपर ईमेल पर भेजा गया. फिर उसका प्रिंट आउट निकलवाकर पेपर शुरू करवाया गया. 10 बजे का पेपर दोपहर 1 बजे शुरू हुआ और 4 बजे तक चला. 

माता-पिता का फूटा गुस्सा

तीन घंटे की देरी से पेपर करवाने पर माता-पिता का गुस्सा फूट पड़ा. इंद्रेश कुमार ने बताया कि जब हम बच्चे को लेने यहां पहुंचे तो पता चला कि पेपर तो अभी तक हुआ ही नहीं है. गार्ड ने बताया कि पेपर शुरू नहीं हुआ है. जब हमने पूछा तो उसने कहा कि तकनीकी खराबी हुई है.

उन्होंन कहा कि इतनी देर तक बच्चे अंदर ही बैठे रहे. 7 घंटे तक बैठाकर रखा गया. ऐसे में कौन सा बच्चा एग्जाम सही से दे पाएगा. अगर पेपर नहीं था तो इसे पोस्टपोन कर देना था. 

स्कूल प्रशासन का क्या है कहना?

स्कूल के मैनेजर कुलदीप त्यागी ने बताया कि सीबीएसई के पेपर बैंकों में रखे जाते हैं. हम 9:30 बजे पेपर लेने गए थे लेकिन वहां लॉकर ही नहीं खुल पाया. काफी मशक्कत की लेकिन नहीं खुला. इसके बाद हमने सीबीएसई को इसकी सूचना दी. फिर सीबीएसई ने ईमेल पर पेपर भेजा. उन्होंने बताया कि फिर हमने सीबीएसई के सभी स्कूलों से कहा कि अपनी-अपनी फोटो स्टेट की मशीनें लेकर स्कूल पहुंचो. सब लोगों ने पेपर की फोटो कॉपी करके बच्चों को दिया. 

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