- अजफरुल हक ने अपनी राजनीतिक पहचान का गलत इस्तेमाल कर युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर अपराध किया.
- बस्ती पुलिस ने मुंबई के बांद्रा से 25 हजार के इनामी फरार आरोपी अजफरुल हक को गिरफ्तार किया.
- जांच में पता चला कि आरोपी ने हिंदू युवतियों को निशाना बनाकर ब्लैकमेलिंग और जबरदस्ती की.
सत्ता, सियासत और फरेब के त्रिकोण पर सवार होकर महिलाओं की भावनाओं से खेलने वाले एक शातिर चेहरे का पर्दाफाश हो चुका है. AIMIM से जुड़े नेता अजफरुल हक ने अपनी राजनीतिक पहचान की आड़ में न केवल कानून का मजाक बनाया, बल्कि हिंदू बनकर युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने का घृणित खेल भी खेला. अपनी झूठी पहचान के सहारे मासूम जिंदगियों को दांव पर लगाने वाला यह कथित नेता लंबे समय से फरार चल रहा था. आखिरकार, बस्ती पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 25 हजार के इस इनामी भगोड़े को मुंबई के बांद्रा से दबोच लिया है.
पुलिस जांच में सामने आया है कि अजफरुल हक ने योजनाबद्ध तरीके से अपनी असली पहचान छिपाई, युवतियों को भावनात्मक रूप से फंसाया और फिर उनके साथ जबरदस्ती की. पीड़िता का आरोप है कि सच्चाई सामने आने पर उसे धमकाया गया और चुप रहने का दबाव बनाया गया. लेकिन पीड़िता ने डरने के बजाय बस्ती कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पूरा मामला खुलता चला गया.
जांच में यह भी सामने आया है कि मामला केवल एक अपराध तक सीमित नहीं है. पुलिस को शक है कि आरोपी लंबे समय से हिंदू लड़कियों को निशाना बनाता रहा है और ब्लैकमेलिंग के जरिए उन्हें गलत रास्ते पर धकेलता था. इसके साथ ही उसके संपर्क कुछ संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से होने की भी आशंका जताई जा रही है, जिसकी गहन जांच की जा रही है.
इस पूरे मामले में विश्व हिंदू महासंघ ने भी कड़ा रुख अपनाया. संगठन के जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने लगातार इस मामले को उठाया और आरोपी की गिरफ्तारी तक प्रशासन पर दबाव बनाए रखा. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अजफरुल हक कोई नया नाम नहीं है. उस पर पहले से ही 20 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें लूट, धोखाधड़ी, रंगदारी और अन्य संगीन धाराएं शामिल हैं. लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी को पकड़ने के लिए बस्ती पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस यूनिट को लगाया गया था.
बस्ती के पुलिस अधीक्षक अभिनंदन के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को लेकर डीएसपी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए आरोपी तक पहुंचा गया. अब पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर उसके नेटवर्क, पीड़ितों की संख्या और संभावित संगठित अपराध की कड़ियों को खंगालेगी. इस गिरफ्तारी के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है. हिंदू संगठनों ने कड़ी सजा और सख्त कार्रवाई की मांग की है.














