- बरेली हिंसा के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा खान ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में जमानत की याचिका दायर की है
- तौकीर रजा की जमानत याचिका पहले बरेली कोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी है और हाई कोर्ट सुनवाई करेगी
- आरोप है कि तौकीर रजा ने गैरकानूनी सभा आयोजित कर हिंसा भड़काने में भूमिका निभाई
बरेली हिंसा के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा खान ने जेल से बाहर आने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. फतेहगढ़ जेल में बंद बरेली हिंसा के मास्टरमाइंड इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने बरेली कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट में अर्जी लगाई है. तौकीर रजा की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की सिंगल बेंच 27 जनवरी को सुनवाई करेगी.
उत्तर प्रदेश के बरेली में पिछले साल 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़क गई थी. इस मामले में कई थानों में FIR दर्ज की गई थी. तौकीर रजा पर इस हिंसा को भड़काने का आरोप लगा था. उन्हें ही इस हिंसा का मास्टरमाइंड बताया गया था.
बरेली कोर्ट से खारिज हो चुकी है याचिका
10 नवंबर को बरेली की एडिशनल सेशन जज अमृता शुक्ला ने तौकीर रजा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. बरेली कोर्ट ने तौकीर रजा की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि उन पर आपराधिक साजिश के तहत एक गैर-कानूनी सभा आयोजित करने, सरकारी कर्मचारियों को उनके काम करने में बाधा डालने और गैर-कानूनी हथियारों के साथ दंगा करने, हत्या का प्रयास करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है.
कोर्ट ने कहा था कि तौकीर रजा ने जो अपराध किया है, उसके लिए आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है. अदालत ने ये कहते उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी कि अगर वो जेल से बाहर आते हैं तो गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे जांच पर असर पड़ सकता है.
क्या है पूरा मामला?
बरेली में 26 सितंबर 2025 को हिंसा भड़की थी. इस मामले में दर्ज FIR में पुलिस ने 25 लोगों को नामजद करते हुए करीब 1000 से ज्यादा अज्ञात उपद्रवियों को आरोपी बनाया था. आरोप है कि प्रशासन की अनुमति न होने के बावजूद मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए. इस दौरान तौकीर रजा के साथियों ने भीड़ को उकसाकर हिंसा के लिए भड़काया था. बरेली हिंसा को लेकर कुल 10 मामले दर्ज किए गए थे. तौकीर रजा के मामले में पुलिस ने दिसंबर में चार्जशीट दाखिल की थी.














